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Treatment

प्रजनन क्षमता परीक्षण और निदान — संपूर्ण फर्टिलिटी चेकअप

फर्टिलिटी वर्कअप (fertility workup) दोनों पार्टनर्स के लिए टेस्ट की एक प्रक्रिया है जो यह पता लगाती है कि गर्भधारण क्यों नहीं हो रहा है — इसमें महिला के ओवुलेशन, एग रिज़र्व, फैलोपियन ट्यूब और गर्भाशय, और पुरुष के स्पर्म की जांच शामिल होती है। सही इलाज सही निदान पर निर्भर करता है, इसलिए यह किसी भी इलाज से पहले का पहला महत्वपूर्ण कदम है। Aansh Hospital & IVF Center — एक सरकार द्वारा पंजीकृत लेवल-2 एआरटी क्लिनिक (Reg. No. MH/AC/2024/15441/L2/Chandrapur/132) में — ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड से लेकर वीर्य विश्लेषण तक का पूरा वर्कअप इन-हाउस, आमतौर पर एक ही मासिक चक्र में पूरा हो जाता है।

Medically reviewed by Dr. Shweta Agarwal, MBBS, DGO · Last updated June 2026
Dr. Shweta Agarwal, Founder & Lead Fertility Specialist, at Aansh Hospital & IVF Center, Chandrapur Govt. ART-registered
Dr. Shweta Agarwal MBBS, DGO · Reproductive Medicine
5,000+IVF babies
30+Years of experience
4.9★500+ reviews · Google, JustDial, Practo
94%AI embryo-analysis accuracy · Garbha.ai
ART Level 2 RegisteredGovt. of India — ART Act 2021
Dr. Shweta AgarwalMBBS, DGO · Reproductive Medicine
On-site embryology labLed by Aayush Agarwal, Ph.D.
Marathi · Hindi · EnglishChandrapur · Nagpur · Vidarbha

Dr. Shweta Agarwal, MBBS, DGO द्वारा मेडिकली रिव्यु किया गया। अंतिम अपडेट: जून 2026।

इस पेज पर दी गई जानकारी शैक्षिक है और यह मेडिकल परामर्श का विकल्प नहीं है। परिणाम व्यक्तिगत नैदानिक कारकों पर निर्भर करते हैं।

फर्टिलिटी वर्कअप चिंता का विषय नहीं है — यह बस स्पष्ट उत्तर प्राप्त करने का एक तरीका है। यह जांच Dr. Shweta Agarwal (MBBS, DGO) द्वारा प्लान की जाती है, जिसमें ऑन-साइट पैथोलॉजी और एम्ब्रियोलॉजी लैब का सपोर्ट होता है। मराठी में, इस जांच को वंध्यत्व तपासणी (infertility testing) कहा जाता है — एक ऐसा शब्द जिसका इस्तेमाल आपके डॉक्टर परामर्श के दौरान कर सकते हैं।


हमें फर्टिलिटी वर्कअप कब कराना चाहिए?

एक निश्चित समय तक गर्भधारण का प्रयास करने के बाद प्रजनन क्षमता की जांच की सलाह दी जाती है — यह समय उम्र पर निर्भर करता है, क्योंकि समय के साथ अंडों की मात्रा और गुणवत्ता घटती जाती है।

  • यदि महिला की उम्र 35 वर्ष से कम है: बिना गर्भनिरोधक के नियमित शारीरिक संबंध बनाने के 12 महीने बाद।
  • यदि महिला की उम्र 35 वर्ष या उससे अधिक है: 6 महीने बाद, क्योंकि जांच में देरी नहीं होनी चाहिए।
  • यदि जोखिम कारक ज्ञात हों, तो जल्दी करें — प्रतीक्षा न करें: अनियमित या मासिक धर्म का न आना, पीसीओएस (PCOS), एंडोमेट्रिओसिस (endometriosis), पिछली कोई पेल्विक सर्जरी या संक्रमण, दो या अधिक बार गर्भपात, या पुरुष की प्रजनन क्षमता से जुड़ी कोई समस्या।

किसी भी पार्टनर से जांच की शुरुआत हो सकती है। जल्दी जांच कराने का मतलब यह नहीं है कि आपको तुरंत इलाज शुरू करना है — यह केवल आपको यह बताता है कि समस्या कहाँ है।


दोनों पार्टनर्स की जांच क्यों जरूरी है?

दोनों पार्टनर्स की जांच की जाती है क्योंकि बांझपन में सांख्यिकीय रूप से पुरुष और महिला दोनों के कारण होने की संभावना समान होती है। लगभग एक-तिहाई मामले महिला के कारणों से, एक-तिहाई पुरुष के कारणों से, और बाकी मिले-जुले कारणों से या अज्ञात होते हैं। शुरू से ही कपल की एक साथ जांच करने से पूरी स्थिति स्पष्ट होती है और केवल एक पार्टनर की जांच में महीनों बर्बाद होने से बच जाते हैं।

पुरुषों की जांच — वीर्य विश्लेषण (semen analysis) — सरल, गैर-आक्रामक और तेज है, इसलिए इसे टालने का कोई कारण नहीं है। दोनों पार्टनर्स की एक साथ जांच करना सटीक निदान और सही योजना तक पहुँचने का सबसे तेज़ तरीका है।


महिला के लिए कौन से टेस्ट किए जाते हैं?

महिला के मूल्यांकन में तीन चीजों की जांच की जाती है: क्या वह ओवुलेट कर रही है, उसका एग रिज़र्व कैसा है, और क्या गर्भाशय व ट्यूब स्वस्थ हैं?

हार्मोन प्रोफाइल और एएमएच (ओवेरियन रिज़र्व)

ब्लड टेस्ट में प्रमुख हार्मोन्स — FSH, LH, प्रोलैक्टिन, TSH (थायराइड), और AMH (एंटी-मुलरियन हार्मोन) मापे जाते हैं। AMH ओवेरियन रिज़र्व (अंडों की बची हुई संख्या) को दर्शाता है और यह अनुमान लगाने में मदद करता है कि अंडाशय फर्टिलिटी दवाओं पर कैसी प्रतिक्रिया देंगे। हार्मोन ब्लड टेस्ट अक्सर साइकिल के विशिष्ट दिनों (जैसे Day 2–3) पर किए जाते हैं।

ट्रांसवेजिनल अल्ट्रासाउंड और फॉलिक्युलर ट्रैकिंग

ट्रांसवेजिनल अल्ट्रासाउंड (TVS) से गर्भाशय और अंडाशय की गहराई से जांच होती है, एंट्रल फॉलिकल्स (ओवेरियन रिज़र्व का एक और मार्कर) गिने जाते हैं, और PCOS, फाइब्रॉएड या डिम्बग्रंथि अल्सर जैसी स्थितियों का पता लगाया जा सकता है। फॉलिक्युलर ट्रैकिंग — पूरे साइकिल में स्कैन की एक छोटी श्रृंखला — यह पुष्टि करती है कि फॉलिकल बढ़ रहा है या नहीं और ओवुलेशन हो रहा है या नहीं।

एचएसजी (HSG) — फैलोपियन ट्यूब टेस्ट

हिस्टेरोसाल्पिंगोग्राफी (HSG) एक एक्स-रे टेस्ट है जो ट्यूब में कंट्रास्ट डाई डालकर यह जांचता है कि फैलोपियन ट्यूब खुली हैं या नहीं और गर्भाशय की गुहा सामान्य है या नहीं। बंद ट्यूब बांझपन का एक आम और इलाज योग्य कारण है। HSG जल्दी (5–10 मिनट) हो जाता है और इसमें आमतौर पर केवल हल्का, मासिक धर्म जैसा दर्द होता है।

हिस्टेरोस्कोपी — गर्भाशय के अंदर की जांच

हिस्टेरोस्कोपी (Hysteroscopy) में गर्भाशय ग्रीवा (cervix) के माध्यम से एक पतला कैमरा अंदर डाला जाता है जिससे सीधे गर्भाशय की गुहा को देखा जा सकता है। यह उन पॉलीप्स, फाइब्रॉएड, आसंजनों या सेप्टम की पहचान करता है जो भ्रूण के प्रत्यारोपण में बाधा डाल सकते हैं। इसकी सिफारिश तब की जाती है जब स्कैन में गर्भाशय में कोई असामान्यता दिखे या प्रत्यारोपण विफल होने के बाद।

लेप्रोस्कोपी — पेल्विस

लेप्रोस्कोपी (Laparoscopy) एक न्यूनतम आक्रामक प्रक्रिया है जिससे सर्जन पेल्विक अंगों को सीधे देख सकते हैं। यह एंडोमेट्रिओसिस (endometriosis) और पेल्विक आसंजनों का निश्चित निदान करने का तरीका है, और अक्सर यह जो पाता है उसका उसी सत्र में इलाज कर सकता है। यह नियमित रूप से उपयोग किए जाने के बजाय केवल चयनित मामलों के लिए है।


पुरुष के लिए कौन सा टेस्ट किया जाता है?

पुरुष की फर्टिलिटी जांच का मुख्य आधार वीर्य विश्लेषण (semen analysis) है — यह एक सरल और गैर-आक्रामक परीक्षण है जो प्रजनन क्षमता निर्धारित करने वाले कारकों के लिए वीर्य के नमूने की जांच करता है:

  • शुक्राणुओं की संख्या (concentration): मौजूद स्पर्म की संख्या।
  • गतिशीलता (Motility): स्पर्म कितनी अच्छी तरह तैरते हैं।
  • संरचना (Morphology): स्पर्म का आकार और बनावट।
  • मात्रा, पीएच और द्रवीकरण: वीर्य की गुणवत्ता के सहायक उपाय।

आमतौर पर 2–5 दिनों के संयम (abstinence) के बाद नमूना दिया जाता है। यदि परिणाम असामान्य आते हैं, तो आमतौर पर पुष्टि के लिए परीक्षण दोहराया जाता है, और पुरुष बांझपन (male infertility) — हार्मोन टेस्ट, स्पर्म डीएनए फ्रैग्मेंटेशन (DFI), या स्कैन — के लिए आगे के मूल्यांकन की सलाह दी जा सकती है। बार-बार गर्भपात (recurrent pregnancy loss) या आईवीएफ (IVF) विफल होने के मामलों में विशेष स्पर्म-फ़ंक्शन परीक्षणों का उपयोग किया जाता है।


डायग्नोस्टिक सफर चरण-दर-चरण कैसा होता है?

यह वर्कअप आपको आमतौर पर एक मासिक चक्र के भीतर एक स्पष्ट निदान और एक प्लान देने के लिए डिज़ाइन किया गया है:

  1. प्रारंभिक परामर्श: आप एक कपल के रूप में Dr. Shweta Agarwal से मिलते हैं। कोई भी पिछली रिपोर्ट, स्कैन या इलाज के रिकॉर्ड साथ लाएँ।
  2. इतिहास व परीक्षण: दोनों पार्टनर्स का विस्तृत चिकित्सा, मासिक धर्म, जीवन शैली और पारिवारिक इतिहास लिया जाता है, साथ ही नैदानिक परीक्षण किया जाता है।
  3. जांचें (Investigations): प्रासंगिक टेस्ट निर्धारित किए जाते हैं — साइकिल के विशिष्ट दिनों पर हार्मोन ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड, मासिक धर्म खत्म होने के बाद HSG, और 2–5 दिनों के संयम के बाद कभी भी वीर्य विश्लेषण
  4. परिणाम की समीक्षा: आपके टेस्ट के परिणामों को एक साथ समझा जाता है, नंबरों को अलग-अलग देखने के बजाय आपके इतिहास के साथ जोड़कर देखा जाता है।
  5. व्यक्तिगत प्लान: आपको निष्कर्षों और अनुशंसित मार्ग की स्पष्ट व्याख्या मिलती है — जो कि समयबद्ध संभोग (timed intercourse), जीवनशैली में बदलाव, ओवुलेशन इंडक्शन, आईयूआई (IUI), आईवीएफ (IVF), या आगे की जांच हो सकती है।

यदि हर टेस्ट सामान्य आता है — जो कि कपल्स के एक महत्वपूर्ण अल्पसंख्यक हिस्से में होता है — वह "अज्ञात बांझपन (unexplained infertility)" का परिणाम भी अपने आप में एक उपयोगी जानकारी है जो अगले कदम का मार्गदर्शन करती है।


फर्टिलिटी वर्कअप का खर्च कितना है?

फर्टिलिटी वर्कअप की लागत इस बात पर निर्भर करती है कि चिकित्सकीय रूप से आपके लिए कौन से टेस्ट आवश्यक हैं — बुनियादी मूल्यांकन (हार्मोन प्रोफाइल, अल्ट्रासाउंड, वीर्य विश्लेषण) की लागत उस मूल्यांकन से कम होती है जिसमें HSG, हिस्टेरोस्कोपी या लेप्रोस्कोपी शामिल हों। कुछ भी करने से पहले आपको बताया जाता है कि कौन से टेस्ट अनुशंसित हैं और क्यों, और आपको पहले ही एक पारदर्शी अनुमान दिया जाता है। - यदि आवश्यक हो, तो आगे के इलाज के लिए 0% EMI विकल्प (6–24 महीने) उपलब्ध हैं।

  • इलाज के मूल्य निर्धारण और फाइनेंसिंग विवरण के लिए IVF खर्च व 0% EMI पेज देखें।

Good to know

Frequently asked questions

प्रश्न: जांच के लिए हमें फर्टिलिटी विशेषज्ञ से कब मिलना चाहिए?
उत्तर: यदि महिला की उम्र 35 वर्ष से कम है, तो बिना सफलता के प्रयास करने के 12 महीने बाद मूल्यांकन कराएं; यदि उम्र 35 या उससे अधिक है, तो 6 महीने बाद। यदि कोई ज्ञात समस्या है जैसे अनियमित पीरियड्स, PCOS, एंडोमेट्रिओसिस, पिछली पेल्विक सर्जरी, या पुरुष-बांझपन की कोई ज्ञात समस्या, तो प्रतीक्षा न करें — ऐसे मामलों में जल्द मूल्यांकन की सलाह दी जाती है।
प्रश्न: क्या वास्तव में दोनों पार्टनर्स का टेस्ट होना जरूरी है?
उत्तर: हाँ। बांझपन के लगभग एक तिहाई मामलों में पुरुष कारक, एक तिहाई में महिला कारक, और बाकी में मिश्रित या अज्ञात कारण शामिल होते हैं। शुरुआत से ही दोनों पार्टनर्स की एक साथ जांच करने से पूरी तस्वीर साफ होती है, महीने बर्बाद होने से बचते हैं, और एक तेज़ व अधिक सटीक निदान होता है।
प्रश्न: एएमएच (AMH) टेस्ट क्या है, और यह मुझे क्या बताता है?
उत्तर: AMH (एंटी-मुलरियन हार्मोन) एक साधारण ब्लड टेस्ट है जो आपके ओवेरियन रिज़र्व — यानी बचे हुए अंडों की अनुमानित संख्या को दर्शाता है। यह अनुमान लगाने में मदद करता है कि आपके अंडाशय फर्टिलिटी दवाओं पर कैसी प्रतिक्रिया देंगे और IVF या एग फ्रीजिंग जैसे उपचारों की योजना बनाने में सूचित करता है। यह कई मार्करों में से एक है, प्रजनन क्षमता पर कोई अकेला अंतिम निर्णय नहीं है।
प्रश्न: क्या एचएसजी (HSG) ट्यूब टेस्ट दर्दनाक है?
उत्तर: HSG यह जांचता है कि फैलोपियन ट्यूब खुली हैं या नहीं और इसमें आमतौर पर हल्का से मध्यम दर्द होता है, जो पीरियड्स के दर्द के समान होता है। यह प्रक्रिया त्वरित है — लगभग 5 से 10 मिनट — और अधिकांश मरीज पहले से ली गई दर्द निवारक दवा से इसे आसानी से सहन कर लेते हैं। कोई भी असुविधा आमतौर पर जल्द ही ठीक हो जाती है।
प्रश्न: संपूर्ण फर्टिलिटी वर्कअप में कितना समय लगता है?
उत्तर: एक पूरा वर्कअप आमतौर पर एक मासिक चक्र के भीतर पूरा हो जाता है। हार्मोन ब्लड टेस्ट साइकिल के विशिष्ट दिनों पर किए जाते हैं, HSG पीरियड खत्म होने के बाद लेकिन ओवुलेशन से पहले निर्धारित किया जाता है, और 2-5 दिनों के संयम के बाद कभी भी वीर्य विश्लेषण किया जा सकता है। अधिकांश कपल्स को लगभग एक महीने के भीतर पूरा निदान मिल जाता है।
प्रश्न: यदि हमारे सभी टेस्ट के परिणाम सामान्य हों तो क्या होगा?
उत्तर: इसे "अज्ञात बांझपन (unexplained infertility)" कहा जाता है और यह कपल्स के एक महत्वपूर्ण हिस्से को प्रभावित करता है। इसका मतलब यह नहीं है कि आप गर्भधारण नहीं कर सकते — केवल यह कि मानक परीक्षणों में कोई विशिष्ट कारण नहीं मिला है। इलाज आमतौर पर ओवुलेशन इंडक्शन के साथ IUI से शुरू होता है, और यदि आसान कदम सफल नहीं होते हैं तो IVF अक्सर प्रभावी होता है।
प्रश्न: क्या जांच इन-हाउस की जाती है या बाहर भेजी जाती है?
उत्तर: फर्टिलिटी वर्कअप पूरी तरह से इन-हाउस किया जाता है, जिसमें हमारे सरकार द्वारा पंजीकृत लेवल-2 एआरटी क्लिनिक (Reg. No. MH/AC/2024/15441/L2/Chandrapur/132) में ऑन-साइट पैथोलॉजी और एम्ब्रियोलॉजी लैब शामिल हैं। इससे परिणाम जल्दी मिलते हैं और पूरा मूल्यांकन एक ही छत के नीचे होता है, इसलिए आपको केंद्रों या किसी अन्य शहर की यात्रा करने की आवश्यकता नहीं होती है।
प्रश्न: फर्टिलिटी वर्कअप का खर्च कितना है?
उत्तर: यह इस बात पर निर्भर करता है कि चिकित्सकीय रूप से आपके लिए कौन से टेस्ट आवश्यक हैं — बुनियादी मूल्यांकन की लागत एचएसजी, हिस्टेरोस्कोपी या लेप्रोस्कोपी वाले मूल्यांकन से कम होती है। कोई भी टेस्ट करने से पहले आपको अनुशंसित टेस्ट बताए जाते हैं और पारदर्शी अनुमान दिया जाता है। इलाज के मूल्य निर्धारण के लिए IVF खर्च व 0% EMI देखें। अंतिम खर्च चिकित्सकीय रूप से आवश्यक टेस्ट पर निर्भर करता है।
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