लेखक: Dr. Shweta Agarwal, MBBS, DGO चिकित्सकीय समीक्षा: Dr. Shweta Agarwal, MBBS, DGO अंतिम अपडेट: July 2026
इस पेज पर दी गई जानकारी शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और यह किसी मेडिकल परामर्श का विकल्प नहीं है। परिणाम हर मरीज़ की व्यक्तिगत क्लिनिकल स्थिति पर निर्भर करते हैं।
Aansh Hospital & IVF Center एक सरकार द्वारा पंजीकृत Level-2 ART clinic (Reg. No. MH/AC/2024/15441/L2/Chandrapur/132) है। यह विदर्भ और उत्तरी तेलंगाना में फर्टिलिटी सेंटर्स के एक बढ़ते नेटवर्क का हिस्सा है — लेकिन किसी चेन के विपरीत, जहां हर सेंटर के डॉक्टर स्वतंत्र रूप से काम करते हैं, हर साइकिल का अंतिम उपचार-निर्णय हर लोकेशन पर Dr. Shweta Agarwal का ही होता है। हमारा मुख्यालय और इन-हाउस एम्ब्रियोलॉजी लैब चंद्रपुर में है। Our government ART registration के तहत IVF, ICSI, एम्ब्रियो कल्चर, और embryo transfer शामिल हैं — ये सभी प्रक्रियाएं Aayush Agarwal, Ph.D. द्वारा इसी सेंटर पर की जाती हैं।
जब यवतमाल, वर्धा या गढ़चिरौली का कोई कपल IVF के बारे में सोचता है, तो उनका पहला व्यावहारिक सवाल मेडिकल नहीं बल्कि लॉजिस्टिक होता है। हमें कितनी बार यात्रा करनी पड़ेगी? किन दिनों में क्लिनिक आना अनिवार्य है? क्या हम इलाज के दौरान अपना काम, अपनी खेती और अपने परिवार की ज़िम्मेदारियां संभाल पाएंगे? ये बहुत ही जायज़ और अहम सवाल हैं, और इनका सीधा जवाब मिलना ज़रूरी है।
यह गाइड खास तौर पर उन मरीज़ों के लिए है जो IVF के लिए चंद्रपुर की यात्रा कर रहे हैं। यह हमारी week-by-week IVF timeline post में दी गई क्लिनिकल जानकारी की जगह नहीं लेता — पूरी मेडिकल प्रक्रिया समझने के लिए आप उसे पढ़ सकते हैं। यह पोस्ट मुख्य रूप से लॉजिस्टिक्स पर केंद्रित है: क्लिनिक के कितने चक्कर लगेंगे, यात्रा की योजना कैसे बनाएं, क्या तैयारी करें, और अपने इलाज से समझौता किए बिना यात्रा को कैसे कम करें। यह मानकर चलता है कि इलाज कहां कराना है यह आप तय कर चुके हैं; अगर आप अब भी लोकल इलाज और मेट्रो की यात्रा के बीच तुलना कर रहे हैं, तो पहले चंद्रपूर में लोकल IVF बनाम नागपुर की यात्रा पढ़ें।
हमारी टीम मराठी, हिंदी और अंग्रेजी में परामर्श देती है — आप अपनी भाषा में हमसे WhatsApp पर संपर्क कर सकते हैं। (Our team consults in Marathi, Hindi, and English — you can reach us on WhatsApp in your preferred language.)
How many clinic visits does an IVF cycle actually require?
एक आम फ्रेश IVF साइकिल में पहली कंसल्टेशन से लेकर प्रेगनेंसी ब्लड टेस्ट तक क्लिनिक के लगभग 8–12 चक्कर लगते हैं। यह संख्या पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि स्टिमुलेशन के दौरान आपके फॉलिकल्स (follicles) कितनी जल्दी रिस्पॉन्ड करते हैं, क्या कोई अतिरिक्त स्कैन या ब्लड टेस्ट ज़रूरी है, और क्या हम फ्रेश ट्रांसफर कर रहे हैं या फिर 'फ्रीज़-ऑल' (freeze-all) रणनीति अपना रहे हैं।
पूरे साइकिल के दौरान क्लिनिक विज़िट्स कुछ इस तरह बंटी होती हैं:
Pre-cycle phase (2–3 विज़िट): ये अपॉइंटमेंट्स आपकी बेसलाइन तय करते हैं — एंट्रल फॉलिकल्स (antral follicles) गिनने के लिए ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड (transvaginal ultrasound), हार्मोन लेवल और AMH जांचने के लिए ब्लड टेस्ट, और एक कंसेंट व काउंसलिंग सेशन जिसमें आपको आपका प्रोटोकॉल समझाया जाता है और इंजेक्शन लगाने का सही तरीका बताया जाता है। इनमें से ज़्यादातर अपॉइंटमेंट्स बहुत ही सीधी और छोटी होती हैं। प्री-साइकिल वर्कअप के कुछ ब्लड टेस्ट आपके घर के पास किसी लैब में भी किए जा सकते हैं और चंद्रपुर आने से पहले उनकी रिपोर्ट आप हमारे साथ ऑनलाइन शेयर कर सकते हैं। इससे चंद्रपुर के आपके शुरुआती चक्कर कम हो जाएंगे। आप हमारी टीम से पहले ही पूछ सकते हैं कि कौन से टेस्ट आपके शहर में हो सकते हैं।
Stimulation monitoring phase (4–6 विज़िट): पीरियड के Day 2 या 3 से जब स्टिमुलेशन इंजेक्शन शुरू होते हैं, तो आपको हर 2–3 दिन में मॉनिटरिंग के लिए आना होता है — फॉलिकल का साइज़ मापने के लिए ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड और एस्ट्रैडियोल (oestradiol) जांचने के लिए एक ब्लड टेस्ट। स्टिमुलेशन आमतौर पर 10–12 दिनों तक चलता है। इस दौरान, ज़्यादातर मरीज़ों को मॉनिटरिंग के लिए 4–6 बार आना पड़ता है। हर विज़िट में क्लिनिक पर आमतौर पर 20–30 मिनट लगते हैं। दूर से आने वाले मरीज़ अपनी यात्रा की सबसे अच्छी योजना इन्हीं विज़िट्स के लिए बना सकते हैं — क्योंकि स्टिमुलेशन की शुरुआत में ही शेड्यूल तय हो जाता है, आप आमतौर पर 1-2 दिन पहले ही अपनी मॉनिटरिंग की तारीखें जान लेते हैं और उसके अनुसार यात्रा की योजना बना सकते हैं।
Egg retrieval day (1 विज़िट — पूरे दिन की योजना बनाएं): बाहर से आने वाले मरीज़ों के लिए इस विज़िट की सबसे ज़्यादा प्लानिंग करनी पड़ती है। एग रिट्रीवल इंट्रावेनस सिडेशन (intravenous sedation) के तहत की जाने वाली एक छोटी सी प्रक्रिया है। आपको खाली पेट क्लिनिक आने के लिए कहा जाएगा, और आपके साथ एक साथी का होना ज़रूरी है। सिडेशन का असर खत्म होने के बाद, आप उसी दिन डिस्चार्ज होने से पहले क्लिनिक में 1–2 घंटे आराम करेंगे। क्योंकि आपको सिडेशन दिया जाता है, आप तुरंत अकेले घर की यात्रा नहीं कर सकते: आपको उस दिन चंद्रपुर में आराम करने की योजना बनानी चाहिए और अगले दिन सुबह पूरी तरह ठीक महसूस होने पर ही वापस लौटना चाहिए। यवतमाल, वर्धा, या गढ़चिरौली से आने वाले ज़्यादातर मरीज़ एग रिट्रीवल के दिन चंद्रपुर में एक रात रुकने का इंतज़ाम करते हैं। जब आप अपनी यात्रा की योजना बनाएंगे, तो हमारी टीम आपको आसपास रुकने की अच्छी जगहों के बारे में सुझाव दे सकती है।
Embryo transfer day (1 विज़िट — बहुत छोटी, ज़्यादातर मामलों में सिडेशन के बिना): फ्रेश साइकिल में ट्रांसफर रिट्रीवल के 3 या 5 दिन बाद होता है, इसलिए रिट्रीवल होते ही आपको यात्रा की तारीख 1–2 दिन की सटीकता के साथ पता चल जाती है। ज़्यादातर मामलों में एम्ब्रियो ट्रांसफर बिना सिडेशन के एक ओपीडी (outpatient) प्रक्रिया है। इसमें लगभग 10–15 मिनट लगते हैं और यह एक सर्वाइकल स्मियर (cervical smear) जैसा महसूस होता है। आप उसी दिन वापस घर लौट सकते हैं। हम सलाह देते हैं कि आप ट्रांसफर के तुरंत बाद कोई लंबी और थका देने वाली यात्रा न करें, लेकिन विदर्भ क्षेत्र के ज़्यादातर मरीज़ उसी दोपहर आराम से वापसी की यात्रा कर लेते हैं।
Beta-hCG blood test (1 विज़िट): प्रेगनेंसी की जांच के लिए ट्रांसफर के 10–14 दिन बाद एक साधारण ब्लड टेस्ट किया जाता है। अक्सर यह टेस्ट आप अपने घर के पास किसी लोकल लेबोरेटरी में करवा सकते हैं, और उसकी रिपोर्ट हमें ऑनलाइन भेज सकते हैं। अपनी साइकिल की प्लानिंग करते समय हमारी टीम के साथ इस विकल्प को ज़रूर कंफर्म कर लें।
कुल (Total): एक आम साइकिल के दौरान, इनमें से 6–9 विज़िट्स को आप 'डे ट्रिप' (सुबह आकर शाम को लौटना) के तौर पर मैनेज कर सकते हैं। केवल एक विज़िट — रिट्रीवल वाले दिन — के लिए आपको रात में रुकने की योजना बनानी चाहिए। अगर आप काफी दूर से आ रहे हैं, तो प्रोटोकॉल के अनुसार 2 या 3 मॉनिटरिंग विज़िट्स को एक साथ मिलाकर वैकल्पिक दिनों पर सेट करने से आपकी यात्रा का रूटीन जल्दी ही तय और आसान हो जाता है।
Which visits are quick and which need recovery time?
यह समझना कि कौन सी विज़िट्स थोड़ी जटिल हैं और कौन सी एकदम रूटीन, आपको अपनी छुट्टियों, खेती के कामों और पारिवारिक ज़िम्मेदारियों की सही योजना बनाने में मदद करता है — ताकि आपको बिना वजह पूरे 6 हफ़्तों के लिए अपना सारा काम न रोकना पड़े।
Quick visits (छोटी विज़िट्स, क्लिनिक पर 1–3 घंटे का समय मानकर चलें):
- प्री-साइकिल ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड अपॉइंटमेंट
- स्टिमुलेशन मॉनिटरिंग स्कैन (अльтраसाउंड + ब्लड टेस्ट, आमतौर पर क्लिनिक में 20–30 मिनट लगते हैं)
- एम्ब्रियो ट्रांसफर (ओपीडी प्रक्रिया, ज़्यादातर मामलों में सिडेशन नहीं, 10–15 मिनट)
- Beta-hCG ब्लड टेस्ट (अगर आपने इसे अपने शहर में नहीं करवाया है)
इन विज़िट्स के बाद किसी भी तरह के शारीरिक आराम की ज़रूरत नहीं होती। आप सुबह यात्रा कर सकते हैं, अपना अपॉइंटमेंट पूरा कर सकते हैं और उसी दिन वापस घर लौट सकते हैं। ज़्यादातर लोग इन विज़िट्स के साथ-साथ अपना रोज़मर्रा का काम जारी रखते हैं।
Visits requiring more planning (विज़िट्स जिनके लिए ज़्यादा प्लानिंग की ज़रूरत होती है):
- Egg retrieval day: इसके लिए अपना पूरा दिन निकालें। आपको IV सिडेशन दिया जाएगा; और आप अगले दिन तक लंबी दूरी की यात्रा करने के लिए फिट नहीं होंगे। अपने साथ किसी एक व्यक्ति को लाएं, चंद्रपुर में एक रात रुकने की योजना बनाएं, और घर वापस जाने के बाद अगले दिन आराम या हल्का-फुल्का काम करने की योजना बनाएं। ज़्यादातर लोग रिट्रीवल के आस-पास अपने काम से 1–2 दिन की छुट्टी लेते हैं।
- Pre-retrieval trigger injection night: ट्रिगर शॉट (trigger injection) का समय घंटे और मिनट के हिसाब से तय होता है — हमारी टीम आपको घर पर इसे लगाने का बिल्कुल सटीक समय बताती है। ट्रिगर और एग रिट्रीवल के बीच का अंतराल लगभग 36 hours पर तय होता है और इसे सुविधा के हिसाब से आगे-पीछे नहीं किया जा सकता — इसलिए ट्रिगर का समय मिलते ही आपका रिट्रीवल स्लॉट भी तय हो जाता है: यात्रा उसके हिसाब से बनाएं, उल्टा नहीं। यह क्लिनिक की विज़िट नहीं है, बल्कि घर पर किया जाने वाला एक बेहद सटीक कदम है। अगर आप देर से होने वाले मॉनिटरिंग स्कैन के लिए पहले से ही चंद्रपुर में हैं, तो अक्सर समय ऐसा होता है कि आप वहीं रात भर रुकते हैं और अगली सुबह रिट्रीवल के लिए आते हैं।
हर फेज़ में क्लिनिक में क्या-क्या होता है, इसकी पूरी मेडिकल जानकारी के लिए आप हमारी Your First IVF Cycle: A Week-by-Week Timeline पोस्ट पढ़ सकते हैं। इसमें स्टिमुलेशन, रिट्रीवल, लैब के दिन, और ट्रांसफर के बारे में विस्तार से बताया गया है।
How can out-of-town patients reduce unnecessary trips to Chandrapur?
क्लिनिकल केयर या इलाज से कोई समझौता किए बिना यात्राओं की संख्या कम करने के लिए आप कुछ व्यावहारिक कदम उठा सकते हैं:
1. अपने शहर की लैब में प्री-साइकिल ब्लड टेस्ट: साइकिल शुरू होने से पहले ज़रूरी कई हार्मोन टेस्ट — जैसे FSH, LH, AMH, थायरॉइड फ़ंक्शन — आपके ज़िले की किसी अच्छी मान्यता प्राप्त (accredited) लैब में किए जा सकते हैं। अपनी पहली विज़िट से पहले ये रिपोर्ट्स हमारे साथ WhatsApp पर शेयर करें; हमारी टीम इनकी समीक्षा करेगी और आपको सलाह देगी कि क्या आपकी बेसलाइन कंसल्टेशन को सिर्फ एक यात्रा में समेटा जा सकता है।
2. विज़िट्स से पहले और उनके बीच WhatsApp पर बातचीत: अपनी यात्रा का दिन पक्का करने से पहले, अपनी रिपोर्ट भेजें, अपने पीरियड शुरू होने की तारीख बताएं, और WhatsApp (+91 80056 85160 / wa.me/918005685160) पर हमारे साथ अपना संभावित शेड्यूल चेक कर लें। हम अक्सर आपके पिछले स्कैन के आधार पर यह बता सकते हैं कि किसी विशेष दिन मॉनिटरिंग के लिए आना ज़रूरी है या उसे एक दिन आगे बढ़ाया जा सकता है, जिससे आपका एक फालतू चक्कर बच सकता है।
3. जब संभव हो, विज़िट्स को एक साथ मिलाएं: अगर आप यवतमाल, वर्धा या गढ़चिरौली से आ रहे हैं, तो सुबह के स्कैन के लिए एक शाम पहले पहुंचना और उसी सुबह ज़रूरी ब्लड टेस्ट भी शेड्यूल करना एक बहुत ही आम तरीका है। अगर आपकी साइकिल की प्लानिंग सही बैठती है, तो हमारी टीम कभी-कभी कंसेंट अपॉइंटमेंट (consent appointment) और बेसलाइन स्कैन को एक ही दिन में जोड़ सकती है।
4. लोकल लैब में Beta-hCG टेस्ट: एम्ब्रियो ट्रांसफर के 10–14 दिन बाद होने वाला प्रेगनेंसी ब्लड टेस्ट एक आम टेस्ट होता है। कई मरीज़ इसे अपने ज़िले के अस्पताल या प्राइवेट लैब में करवाते हैं और रिपोर्ट हमें भेज देते हैं। आप पहले ही हमारी टीम से इस बात की पुष्टि कर लें कि क्या आपकी लोकल लैब का फॉर्मेट और जांच का तरीका हमारे लिए उपयुक्त है।
5. रिपोर्ट्स के लिए फ़ोन और WhatsApp पर फॉलो-अप: फर्टिलाइज़ेशन की जानकारी (रिट्रीवल के अगले दिन सुबह), एम्ब्रियो के विकास के रोज़ाना अपडेट, और ट्रांसफर वाले दिन embryo grading की कॉल — ये सभी बातें आपको फ़ोन या WhatsApp पर बताई जाती हैं। आपको सिर्फ नतीजों पर चर्चा करने के लिए क्लिनिक आने की ज़रूरत नहीं है — आपको केवल ज़रूरी मेडिकल प्रक्रियाओं के लिए ही आना होता है।
What should I bring for clinic visits — and for the retrieval overnight?
किसी भी मॉनिटरिंग या कंसल्टेशन विज़िट के लिए:
- पिछली सभी जांच की रिपोर्ट्स (अल्ट्रासाउंड, ब्लड टेस्ट, semen analysis) — भले ही वे किसी अन्य क्लिनिक की पुरानी रिपोर्ट्स हों, वे हमारे लिए बहुत काम की होती हैं
- आपके पीरियड शुरू होने की तारीख (पहला दिन वह होता है जब पूरा फ्लो शुरू होता है)
- रजिस्ट्रेशन के लिए कोई भी एक सरकारी आईडी (Government ID)
- सुबह जल्दी होने वाले ब्लड टेस्ट के बाद खाने के लिए कुछ हल्का नाश्ता
- अगर आप कोई दवाइयाँ ले रहे हैं, तो वो साथ रखें
रिट्रीवल वाले दिन और रात रुकने के लिए:
- एक भरोसेमंद साथी जो आपके साथ आ सके और आपके डिस्चार्ज होने तक साथ रहे
- एक छोटा बैग: पहनने के लिए ढीले और आरामदायक कपड़े, रोज़मर्रा की ज़रूरत का सामान (toiletries) और आपकी नियमित दवाइयाँ
- इमरजेंसी के लिए यह नंबर सेव रखें: +91 80056 85160
- रिट्रीवल के बाद शाम के लिए हल्का और आसानी से पचने वाला खाना — सिडेशन का असर खत्म होने के बाद ज़्यादातर लोगों को अच्छी भूख लगती है
- फार्मेसी या रुकने के खर्च के लिए कुछ नकद पैसे या UPI की सुविधा
क्या न लाएं: रिट्रीवल की सुबह अपने साथ खाना या पानी न लाएं — क्योंकि आपको एक रात पहले आधी रात से खाली पेट (fasting) रहने के लिए कहा जाएगा।
How do IVF visit schedules fit around farming and seasonal work in Vidarbha?
विदर्भ क्षेत्र में हमारे पास आने वाले मरीज़ों में कई ऐसे परिवार शामिल हैं, जिनके घर से निकलने का समय सीधे तौर पर खेती के सीज़न पर निर्भर करता है। कपास की कटाई (लगभग अक्टूबर–दिसंबर के बीच यवतमाल और वर्धा ज़िलों के ज़्यादातर हिस्सों में), बुआई की तैयारी, और बाज़ार के दिन — ये सब ऐसे समय होते हैं जब ग्रामीण इलाके से यात्रा करना सचमुच बहुत मुश्किल होता है।
कुछ व्यावहारिक बातें जिनका आप ध्यान रख सकते हैं:
खेती के काम कम होने पर साइकिल शुरू करना: जहां तक मेडिकल तौर पर संभव हो, ऐसा करने से काम और इलाज के बीच टकराव कम हो सकता है। यह हमेशा मुमकिन नहीं होता (क्योंकि आपके शरीर का साइकिल, ovarian reserve, और मेडिकल एमरजेंसी हमेशा प्राथमिकता रखते हैं), लेकिन अगर आपके पास थोड़ी बहुत सहूलियत है, तो आप अपनी शुरुआती fertility assessment अपॉइंटमेंट में Dr. Shweta Agarwal के साथ सही समय को लेकर चर्चा कर सकते हैं।
मॉनिटरिंग का शेड्यूल काफी हद तक पहले से पता होता है: एक बार स्टिमुलेशन शुरू होने के बाद, मॉनिटरिंग स्कैन की लगभग सटीक तारीखें (1–2 दिन के अंतर के साथ) शुरू से ही पता चल जाती हैं। इसका मतलब है कि आप उसी दिन फ़ोन आने का इंतज़ार करने के बजाय, अपनी यात्रा की योजना पहले से ही बना सकते हैं।
Frozen embryo transfer (FET) साइकिल में कम भागदौड़ होती है: अगर आपकी फ्रेश साइकिल के दौरान बने एम्ब्रियो को विट्रीफाई (vitrify या फ्रीज़) किया जाता है और 'फ्रीज़-ऑल' (freeze-all) रणनीति अपनाई जाती है — जो कि PCOS या बहुत ज़्यादा फॉलिकल रिस्पॉन्स वाले मरीज़ों में आम है — तो इसके बाद होने वाली FET साइकिल में कम इंजेक्शन लगते हैं, कम मॉनिटरिंग विज़िट्स होती हैं और शेड्यूल ज़्यादा लचीला होता है। आप अपने खेती या सीज़न के काम के अनुसार FET का समय ज़्यादा सटीकता से तय कर सकते हैं।
काम के बीच रिट्रीवल वाले दिन का समय निकालना सबसे मुश्किल होता है: अगर किसी खास हफ़्ते में आपकी आजीविका के लिए आपका वहां मौजूद रहना बहुत ज़रूरी है, तो हमें जल्द से जल्द बता दें। हम कई बार क्लिनिकल सीमाओं के भीतर रहते हुए, स्टिमुलेशन शुरू होने की तारीख को कुछ दिन आगे-पीछे कर सकते हैं ताकि आपका रिट्रीवल ऐसे समय पर हो जो आपके लिए ज़्यादा सुविधाजनक हो।
Why does the in-house embryology lab matter for patients travelling from a distance?
यवतमाल, वर्धा, या गढ़चिरौली से आने वाले मरीज़ों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और व्यावहारिक बात यह है कि: साइकिल शुरू होने के बाद आपके अंडे, स्पर्म और एम्ब्रियो (भ्रूण) कभी भी चंद्रपुर से बाहर नहीं जाते।
Aansh के चंद्रपुर सेंटर में एक पूरी तरह से इन-हाउस एम्ब्रियोलॉजी लैब मौजूद है, जिसे Aayush Agarwal, Ph.D. संभालते हैं। इसका मतलब है कि egg retrieval, फर्टिलाइज़ेशन (IVF या ICSI), एम्ब्रियो कल्चर, एम्ब्रियो ग्रेडिंग, vitrification (फ्रीज़िंग), और एम्ब्रियो ट्रांसफर, सब कुछ एक ही छत के नीचे होता है। आपको किसी दूसरे शहर जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती और न ही आपके एम्ब्रियो को कल्चर के लिए किसी बाहरी लैब में कूरियर किया जाता है। आपको पूरी साइकिल के दौरान कभी भी नागपुर, हैदराबाद, या मुंबई जाने की कोई ज़रूरत नहीं होती।
लॉजिस्टिक्स के नज़रिए से यह बहुत मायने रखता है: इसका मतलब है कि आपको सिर्फ चंद्रपुर तक की यात्रा की ही योजना बनानी है। इसका यह भी मतलब है कि सभी क्लिनिकल फैसले — जैसे एम्ब्रियो को कितने समय तक कल्चर करना है, फ्रेश ट्रांसफर करना है या फ्रीज़-ऑल करना है, और Day 5 पर एम्ब्रियो की ग्रेडिंग कैसी है — ये सब आपकी अपनी टीम द्वारा तुरंत तय किए जाते हैं और आपको सीधे बताए जाते हैं।
हमारे Chandrapur centre page पर इस सुविधा के बारे में और अलग-अलग ज़िलों से यहाँ कैसे पहुँचा जाए, इसकी पूरी जानकारी दी गई है।
How do I coordinate the first step — before travelling at all?
शुरुआत करने का सबसे आसान तरीका एक WhatsApp मैसेज है। अपना नाम, ज़िला, और अपनी स्थिति की छोटी सी जानकारी (आप कितने समय से प्रयास कर रहे हैं, क्या पहले कोई टेस्ट हुए हैं) हमें +91 80056 85160 या wa.me/918005685160 पर भेजें। हमारी टीम आपकी जानकारी को देखकर यह सलाह देगी कि क्या आपको लोकल प्री-स्क्रीनिंग कॉल, एक वर्चुअल कंसल्टेशन (वीडियो कॉल), या सीधे क्लिनिक आकर मिलना चाहिए।
अगर आपने पहले कहीं और IVF साइकिल करवाया है — चाहे वह नागपुर हो, हैदराबाद, या कोई अन्य सेंटर — तो आप अपनी पुरानी रिपोर्ट्स को free second opinion (मुफ्त दूसरी राय) के लिए हमें पहले ही भेज सकते हैं। इसका मतलब है कि जब आप पहली बार हमसे मिलने आएंगे, तो वह केवल एक सामान्य मुलाकात न होकर, सीधे आपके आगे के इलाज की सही प्लानिंग करने पर केंद्रित होगी।
हमारे fertility assessment page पर यह विस्तार से बताया गया है कि शुरुआती जांच में क्या-क्या शामिल होता है — इनमें से कई टेस्ट आप चंद्रपुर आने से पहले ही शुरू या पूरे करवा सकते हैं।
Yavatmal, Warora, Ballarpur, Bramhapuri, और Chimur जैसे शहरों से आने वाले मरीज़ों के लिए आमतौर पर यात्रा का तरीका कुछ ऐसा होता है: लोकल शुरुआती कंसल्टेशन या WhatsApp प्री-स्क्रीनिंग → चंद्रपुर की एक प्री-साइकिल विज़िट → यात्रा के अनुसार मॉनिटरिंग विज़िट्स → रिट्रीवल (रात भर रुकना) → ट्रांसफर (दिन की यात्रा) → फ़ोन या लोकल डॉक्टर के ज़रिए फॉलो-अप।