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PGT-A: Who Actually Needs Embryo Genetic Testing (and Who Doesn't)

PGT-A (preimplantation genetic testing for aneuploidy) ट्रांसफर से पहले IVF भ्रूणों (embryos) में क्रोमोसोमल असामान्यताओं की जांच करता है। यह कुछ खास समूहों में गर्भपात के जोखिम और असफल ट्रांसफर को कम कर सकता है — जैसे अधिक उम्र में गर्भधारण (advanced maternal age), बार-बार गर्भपात होना (recurrent pregnancy loss), बार-बार इम्प्लांटेशन फेल होना (recurrent implantation failure), या पहले हुई किसी गर्भावस्था में क्रोमोसोम संबंधी समस्या होना। कम उम्र के मरीजों, जिनमें भ्रूण का विकास अच्छा हो रहा है और ऐसा कोई पुराना इतिहास नहीं है, उनके लिए नियमित रूप से PGT-A कराने के फायदे पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं। यह हर IVF साइकिल के लिए उपयुक्त नहीं है।

Medically reviewed by Dr. Shweta Agarwal, MBBS, DGO · Last updated July 2026
Dr. Shweta Agarwal, Founder & Lead Fertility Specialist, at Aansh Hospital & IVF Center, Chandrapur Govt. ART-registered
Dr. Shweta Agarwal MBBS, DGO · Reproductive Medicine
5,000+IVF babies
30+Years of experience
4.9★500+ reviews · Google, JustDial, Practo
94%AI embryo-analysis accuracy · Garbha.ai
ART Level 2 RegisteredGovt. of India — ART Act 2021
Dr. Shweta AgarwalMBBS, DGO · Reproductive Medicine
On-site embryology labLed by Aayush Agarwal, Ph.D.
Marathi · Hindi · EnglishChandrapur · Nagpur · Vidarbha

द्वारा: डॉ. श्वेता अग्रवाल, MBBS, DGO चिकित्सकीय समीक्षा: डॉ. श्वेता अग्रवाल, MBBS, DGO अंतिम अपडेट: जून 2026

इस पेज पर दी गई जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है और यह किसी चिकित्सकीय परामर्श का स्थान नहीं लेती है। उपचार के परिणाम व्यक्तिगत नैदानिक कारकों पर निर्भर करते हैं।

अंश हॉस्पिटल एंड IVF सेंटर (Aansh Hospital & IVF Center) एक सरकारी पंजीकृत लेवल-2 एआरटी क्लिनिक (रजिस्ट्रेशन नंबर: MH/AC/2024/15441/L2/Chandrapur/132) है, जो विदर्भ और उत्तरी तेलंगाना में सेवाएं देने वाले फर्टिलिटी नेटवर्क का हिस्सा है। हमारा मुख्यालय और इन-हाउस एम्ब्रियोलॉजी लैब चंद्रपुर में स्थित है। हमारा एआरटी रजिस्ट्रेशन IVF और उससे जुड़ी सभी प्रक्रियाओं के पूरे दायरे को कवर करता है। यह पेज IVF या ब्लास्टोसिस्ट कल्चर की पूरी प्रक्रिया को कदम-दर-कदम नहीं समझाता है — उसके बारे में आप हमारे IVF उपचार पेज और ब्लास्टोसिस्ट कल्चर पेज पर पढ़ सकते हैं। यह पेज एक खास सवाल का जवाब देता है जो अक्सर भ्रूण (embryology) की चर्चा के बाद सामने आता है: क्या हमें अपने भ्रूणों के लिए PGT-A की आवश्यकता है?

अंश (Aansh) में PGT-A के लिए एम्ब्रियोलॉजी और बायोप्सी प्रक्रिया का नेतृत्व हमारे वरिष्ठ क्लिनिकल एम्ब्रियोलॉजिस्ट डॉ. आयुष अग्रवाल (Aayush Agarwal, Ph.D.) करते हैं। क्लिनिकल परामर्श और निर्णय लेने की प्रक्रिया डॉ. श्वेता अग्रवाल, MBBS, DGO की देखरेख में होती है।


PCPNDT अनुपालन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सूचना: PGT-A भ्रूणों की क्रोमोसोमल सेहत की जांच करता है — विशेष रूप से यह देखने के लिए कि गुणसूत्रों (chromosomes) की संख्या सही है (euploidy) या असामान्य (aneuploidy)। अंश (Aansh) में किसी भी मरीज या किसी तीसरे पक्ष को भ्रूण के लिंग की जानकारी नहीं दी जाती है, और किसी भी परिस्थिति में लिंग चयन की सुविधा नहीं दी जाती है। किसी भी उद्देश्य के लिए लिंग चयन करना Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques (PCPNDT) Act के तहत एक अपराध है, और अंश (Aansh) इस कानून का पूर्ण रूप से पालन करता है।


What is PGT-A, and what does it test for?

PGT-A का मतलब प्रीइम्प्लांटेशन जेनेटिक टेस्टिंग फॉर एन्यूप्लोइडी (preimplantation genetic testing for aneuploidy) है। IVF साइकिल के संदर्भ में, इसका मतलब ब्लास्टोसिस्ट-चरण के भ्रूण (आमतौर पर विकास के 5वें या 6वें दिन) से कोशिकाओं का एक छोटा सा बायोप्सी सैंपल लेना है, उन कोशिकाओं को जेनेटिक्स लैब में भेजना है, और एक रिपोर्ट प्राप्त करना है कि क्या भ्रूण में गुणसूत्रों (chromosomes) की संख्या सही है (euploid — क्रोमोसोमल रूप से सामान्य) या असामान्य संख्या है (aneuploid)।

एन्यूप्लोइडी (Aneuploidy) — यानी गुणसूत्रों की संख्या बहुत अधिक या बहुत कम होना — भ्रूण के इम्प्लांट न होने (failed embryo implantation) और शुरुआती गर्भपात (early pregnancy loss) का सबसे आम कारण है। एन्यूप्लोइड भ्रूण या तो गर्भाशय में प्रत्यारोपित (implant) नहीं हो पाते हैं, जिसके कारण गर्भपात हो जाता है, या कुछ मामलों में ऐसी गर्भावस्था का कारण बनते हैं जिसमें क्रोमोसोम संबंधी विकार होते हैं। भ्रूण में एन्यूप्लोइडी की दर महिला की उम्र के साथ बढ़ती है: कम उम्र में, अधिकांश ब्लास्टोसिस्ट सामान्य (euploid) होते हैं; लेकिन तीस के दशक के मध्य से उत्तरार्द्ध (mid-to-late thirties) और उससे अधिक उम्र होने पर, अधिकांश भ्रूणों में क्रोमोसोमल असामान्यताएं देखी जाती हैं।

लोग अक्सर PGT-A को PGT-M (प्रीइम्प्लांटेशन जेनेटिक टेस्टिंग फॉर मोनोजेनिक डिसऑर्डर) समझ लेते हैं। ये दोनों अलग-अलग टेस्ट हैं। PGT-M किसी विशिष्ट, पहले से ज्ञात सिंगल-जीन बीमारी (जैसे थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, या सिस्टिक फाइब्रोसिस) की जांच करता है, जिसमें माता-पिता में से एक या दोनों इसके वाहक (carrier) होते हैं। जबकि, PGT-A सभी 24 गुणसूत्रों (chromosomes) में संख्यात्मक असामान्यताओं की जांच करता है। अलग-अलग मरीजों के लिए ये दोनों ही टेस्ट महत्वपूर्ण हो सकते हैं; यह पोस्ट केवल PGT-A के बारे में है। PGT-M पर चर्चा जेनेटिक काउंसलिंग (genetic counselling) के दौरान की जाती है जब किसी विशिष्ट मोनोजेनिक जोखिम की पहचान होती है।

PGT-A के लिए यह जरूरी है कि IVF साइकिल ब्लास्टोसिस्ट चरण (blastocyst stage) तक पहुंचे, एक प्रशिक्षित एम्ब्रियोलॉजिस्ट द्वारा बायोप्सी की जाए, और बायोप्सी के बाद रिपोर्ट का इंतजार करने के दौरान भ्रूण को फ्रीज करने यानी विट्रीफिकेशन (freeze-all) साइकिल की जरूरत होती है। इसके परिणाम आने के बाद ही अगली फ्रोजन एम्ब्रियो ट्रांसफर (FET) साइकिल में भ्रूण ट्रांसफर किया जा सकता है। इसे बायोप्सी वाले दिन ही फ्रेश ट्रांसफर साइकिल के साथ करना संभव नहीं है।


Who may benefit from PGT-A?

PGT-A सभी IVF मरीजों के लिए कोई नियमित (routine) प्रक्रिया नहीं है। जिन समूहों में इसके लाभ के प्रमाण काफी हद तक सिद्ध हैं, वे हैं:

अधिक मातृ आयु (typically 37–38 and above): उम्र बढ़ने के साथ भ्रूण में क्रोमोसोमल एन्यूप्लोइडी की दर काफी बढ़ जाती है। इस उम्र की महिलाओं में, जो एक से अधिक ब्लास्टोसिस्ट बनाने में सक्षम हैं, PGT-A की मदद से केवल उन्हीं भ्रूणों को ट्रांसफर के लिए चुना जाता है जिनके सामान्य होने की सबसे अधिक संभावना होती है। इससे एक सामान्य (euploid) भ्रूण तक पहुंचने से पहले होने वाले असफल ट्रांसफर की संख्या कम हो सकती है। इसका फायदा तभी सबसे ज्यादा होता है जब जांच के लिए कई भ्रूण उपलब्ध हों; यदि केवल 1 या 2 ब्लास्टोसिस्ट ही बनते हैं, तो जांच का महत्व बदल जाता है (नीचे देखें)।

बार-बार गर्भपात होना (Recurrent pregnancy loss - RPL): जिन जोड़ों ने 2 या अधिक बार बिना किसी स्पष्ट कारण के गर्भपात का सामना किया है, उनमें भ्रूण एन्यूप्लोइडी (embryo aneuploidy) इसका मुख्य कारण हो सकती है, भले ही महिला की उम्र कम हो। बार-बार गर्भपात होने के परीक्षणों के बारे में अधिक जानने के लिए, हमारा recurrent pregnancy loss स्थिति पेज देखें। इस समूह के मरीजों में, PGT-A क्रोमोसोमल रूप से सामान्य भ्रूणों की पहचान करने और क्रोमोसोम की खराबी के कारण होने वाले गर्भपात की दर को कम करने में मदद कर सकता है।

बार-बार इम्प्लांटेशन फेल होना (RIF): जब बिना किसी स्पष्ट गर्भाशय या संरचनात्मक कारण के पिछले प्रयासों में कई अच्छी गुणवत्ता वाले भ्रूण प्रत्यारोपित (implant) होने में असफल रहे हों, तो PGT-A यह पता लगाने में मदद कर सकता है कि क्या एन्यूप्लोइडी इसके लिए जिम्मेदार है। हालांकि, यह इम्प्लांटेशन विफलता का कोई सार्वभौमिक समाधान नहीं है — इसके साथ अन्य कारकों (जैसे एंडोमेट्रियल रिसेप्टिविटी, गर्भाशय की असामान्यताएं, थ्रोम्बोफिलिया) की जांच भी की जानी चाहिए।

पिछली गर्भावस्था में क्रोमोसोम संबंधी समस्या होना (Prior aneuploid pregnancy): जिन जोड़ों की पिछली किसी गर्भावस्था में भ्रूण में क्रोमोसोम की समस्या (जैसे CVS या एम्नियोसेंटेसिस जांच में ट्राइसॉमी) की पुष्टि हुई हो, उनके अगले भ्रूणों में भी एन्यूप्लोइडी का जोखिम अधिक होता है। इस समूह के लिए IVF में PGT-A का विकल्प चुनना सहायक हो सकता है।


Who is unlikely to benefit from PGT-A?

कम उम्र के मरीज जिनका प्रोग्नोसिस अच्छा है और RPL या RIF का कोई इतिहास नहीं है: 35 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में, जिनका ओवेरियन रिजर्व (अंडों की संख्या) अच्छा है, ब्लास्टोसिस्ट का विकास सही है, और जिनका पहले गर्भपात या ट्रांसफर फेल होने का कोई इतिहास नहीं है, उनके भ्रूणों में एन्यूप्लोइडी की दर काफी कम होती है। इस समूह के लिए, इस बात के मजबूत प्रमाण नहीं हैं कि PGT-A सामान्य IVF की तुलना में जन्म दर (cumulative live-birth rates) में सुधार करता है। अच्छे प्रोग्नोसिस वाले मरीजों में नियमित रूप से PGT-A कराने से केवल खर्च बढ़ता है, इसके लिए freeze-all और FET की आवश्यकता होती है, और बायोप्सी से जुड़े जोखिम भी बढ़ जाते हैं — जबकि इसके फायदे के कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं हैं।

ऐसे मरीज जिनके बहुत कम भ्रूण ब्लास्टोसिस्ट चरण तक पहुंचते हैं: यदि केवल 1 या 2 ब्लास्टोसिस्ट ही बनते हैं, तो PGT-A कराने से यह जोखिम बढ़ जाता है कि ट्रांसफर के लिए कोई भी सामान्य (euploid) भ्रूण न बचे। ऐसा इसलिए नहीं होता कि सभी भ्रूण खराब थे, बल्कि इसलिए कि कम संख्या में भ्रूण होने पर संयोगवश सभी एन्यूप्लोइड हो सकते हैं। खराब ओवेरियन रिस्पॉन्स (poor ovarian response) या कम भ्रूण वाले मरीजों को PGT-A कराने का निर्णय लेते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

केवल फैमिली बैलेंसिंग या लिंग चयन (Sex Selection) के लिए: अंश (Aansh) में फैमिली बैलेंसिंग, लिंग प्राथमिकता या किसी भी प्रकार के लिंग चयन के लिए PGT-A की पेशकश नहीं की जाती है। PCPNDT Act के तहत लिंग चयन पूरी तरह से गैर-कानूनी है और किसी भी परिस्थिति में उपलब्ध नहीं है।


What are the trade-offs and limitations of PGT-A?

खर्च (Cost): PGT-A से IVF साइकिल का खर्च काफी बढ़ जाता है — जिसमें बायोप्सी प्रक्रिया, बायोप्सी किए गए भ्रूणों का विट्रीफिकेशन (फ्रीजिंग), जेनेटिक्स लैब का विश्लेषण और उसके बाद होने वाला FET साइकिल शामिल है। इस खर्च के बारे में विस्तार से जानने के लिए हमारा IVF खर्च और 0% EMI विकल्प पेज देखें; कुल खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि कितने भ्रूणों की जांच की जा रही है।

ब्लास्टोसिस्ट कल्चर की आवश्यकता: बायोप्सी के लिए भ्रूणों का ब्लास्टोसिस्ट चरण (5वें/6वें दिन) तक पहुंचना जरूरी है। सभी भ्रूण इस चरण तक नहीं पहुंच पाते हैं; इसलिए साइकिल की योजना इसी बात को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए। आप इस प्रक्रिया को हमारे ब्लास्टोसिस्ट कल्चर पेज पर समझ सकते हैं।

फ्रीज-ऑल और FET की आवश्यकता: बायोप्सी के बाद, रिपोर्ट का इंतजार करने के दौरान भ्रूणों को विट्रीफाइड (फ्रीज) किया जाता है। इसके बाद, भ्रूण ट्रांसफर अगली फ्रोजन भ्रूण ट्रांसफर (FET) साइकिल में किया जाता है। PGT-A के साथ उसी साइकिल में फ्रेश ट्रांसफर करना संभव नहीं है।

मोज़ेसिज़्म (Mosaicism): बायोप्सी में कुछ भ्रूणों को "मोज़ेक" (mosaic) के रूप में रिपोर्ट किया जाता है — यानी उनमें सामान्य और असामान्य दोनों प्रकार की कोशिकाएं मौजूद होती हैं। मोज़ेक भ्रूणों को सीधे तौर पर सामान्य (euploid) या असामान्य (aneuploid) श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है, और इस पर अभी भी चिकित्सा क्षेत्र में शोध चल रहे हैं। मोज़ेक भ्रूणों के ट्रांसफर से जुड़े फैसले क्लिनिकल टीम के साथ चर्चा के बाद ही लिए जाते हैं।

भ्रूण को नुकसान पहुंचने का जोखिम: ट्रोफेक्टोडर्म बायोप्सी (जो ब्लास्टोसिस्ट चरण में की जाने वाली मानक तकनीक है) में भ्रूण को मामूली नुकसान पहुंचने का जोखिम होता है, हालांकि यह बहुत कम होता है। अनुभवी डॉक्टरों और एम्ब्रियोलॉजिस्ट की देखरेख में यह जोखिम बहुत कम हो जाता है, लेकिन यह पूरी तरह से शून्य नहीं होता। अंश (Aansh) में यह बायोप्सी हमारे वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. आयुष अग्रवाल (Aayush Agarwal, Ph.D.) द्वारा की जाती है।

कोई गारंटी नहीं: PGT-A में सामान्य (euploid) रिपोर्ट आने का मतलब केवल यह है कि जांच की गई कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या सही थी। यह इम्प्लांटेशन, गर्भावस्था या स्वस्थ शिशु के जन्म की 100% गारंटी नहीं देता है। सफलता के लिए अन्य कारक — जैसे गर्भाशय की परत (endometrial receptivity), गर्भाशय का आंतरिक वातावरण और गुणसूत्रों के अलावा भ्रूण के अन्य स्वास्थ्य कारक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

गलत परिणाम (False results): अन्य सभी परीक्षणों की तरह, PGT-A भी 100% सटीक नहीं होता है। बायोप्सी के दौरान भ्रूण के बाहरी हिस्से (trophectoderm — जो आगे चलकर प्लेसेंटा बनता है) से कुछ कोशिकाएं ली जाती हैं, न कि पूरे भ्रूण से। इसलिए, इसमें बहुत कम प्रतिशत में फॉल्स-पॉजिटिव (सामान्य भ्रूण का रिपोर्ट में असामान्य दिखना) और फॉल्स-नेगेटिव (असामान्य भ्रूण का रिपोर्ट में सामान्य दिखना) परिणाम आने की संभावना रहती है।


IVF with PGT-A vs IVF without PGT-A: a comparison

कारक PGT-A के साथ IVF बिना PGT-A के IVF
यह किसके लिए विचारणीय है अधिक मातृ आयु (37–38+ वर्ष), बार-बार गर्भपात (RPL), बार-बार इम्प्लांटेशन फेल होना (RIF), पिछली गर्भावस्था में क्रोमोसोम संबंधी समस्या होना अच्छे प्रोग्नोसिस वाले मरीज, कम उम्र की महिलाएं, बिना किसी RPL/RIF इतिहास के पहला IVF साइकिल
इसमें क्या अलग होता है ट्रांसफर से पहले भ्रूणों की क्रोमोसोमल जांच; कई भ्रूण उपलब्ध होने पर सामान्य (euploid) भ्रूण का चयन कोई बायोप्सी नहीं; ट्रांसफर के लिए सभी व्यवहार्य (viable) ब्लास्टोसिस्ट पर उनकी संरचना (morphology) और विकास के आधार पर विचार किया जाता है
भ्रूण चयन का आधार क्रोमोसोमल स्थिति + संरचना/विकास की ग्रेडिंग (morphology/development grade) संरचना और विकास की ग्रेडिंग (मानक ग्रेडिंग प्रणाली)
ट्रांसफर का समय फ्रीज-ऑल + अगली साइकिल में FET (PGT-A के साथ फ्रेश ट्रांसफर नहीं किया जा सकता) फ्रेश या फ्रोजन ट्रांसफर दोनों संभव
खर्च अधिक — बायोप्सी, विट्रीफिकेशन, जेनेटिक्स लैब शुल्क और FET का अतिरिक्त खर्च जुड़ता है कम — मानक IVF साइकिल का सामान्य खर्च
समय अधिक समय — रिपोर्ट के बाद एक अतिरिक्त FET साइकिल (आमतौर पर 4–6 सप्ताह का अतिरिक्त इंतजार) कम समय — उसी साइकिल या अगली साइकिल में ट्रांसफर
सीमाएं (Limitations) मोज़ेसिज़्म की रिपोर्ट; बायोप्सी से भ्रूण को नुकसान का मामूली जोखिम; कोई गारंटी नहीं; कम भ्रूण होने पर ट्रांसफर के लिए कोई सामान्य भ्रूण न बचने का जोखिम ट्रांसफर से पहले क्रोमोसोम की जानकारी न होना; उच्च जोखिम वाले समूहों में गर्भपात की अधिक संभावना
क्या PGT-A से सफलता की संभावना सुधरती है? अधिक उम्र और RPL/RIF वाले समूहों में इसके मजबूत प्रमाण हैं अच्छे प्रोग्नोसिस वाले कम उम्र के मरीजों में इसके नियमित उपयोग का समर्थन करने वाले प्रमाण नहीं हैं

Does PGT-A guarantee a healthy baby?

जी नहीं। PGT-A केवल भ्रूण के बाहरी हिस्से (trophectoderm) से ली गई कोशिकाओं की क्रोमोसोमल जानकारी प्रदान करता है; यह हर प्रकार की आनुवंशिक बीमारी या आनुवंशिक स्थिति की जांच नहीं करता है, और न ही यह गर्भाधान (implantation), गर्भावस्था के बने रहने या स्वस्थ शिशु के जन्म की पूरी गारंटी देता है। जैसा कि ऊपर बताया गया है, मोज़ेसिज़्म (mosaicism) और बहुत कम कोशिकाओं की जांच की सीमाओं के कारण परिणामों में मामूली त्रुटि की संभावना हमेशा रहती है। PGT-A भ्रूण चयन प्रक्रिया में मदद करने वाला एक उपकरण है, न कि गर्भावस्था के सफल होने या न होने का कोई अंतिम प्रमाण।

यह समझना भी महत्वपूर्ण है कि गर्भावस्था के दौरान किए जाने वाले प्रसवपूर्व परीक्षण (जैसे NIPT, CVS, या एम्नियोसेंटेसिस) पूरी तरह से अलग और स्वतंत्र जांचें हैं। PGT-A का सामान्य (euploid) परिणाम इन प्रसवपूर्व परीक्षणों का विकल्प नहीं हो सकता; गर्भावस्था के दौरान इन परीक्षणों को कराने का निर्णय मरीज अपने प्रसूति रोग विशेषज्ञ (obstetrician) की सलाह से लेते हैं।


How is the PGT-A decision made at Aansh?

अंश (Aansh) में PGT-A कराने या न कराने की सलाह IVF साइकिल के सभी पहलुओं की गहन समीक्षा के बाद ही दी जाती है: जैसे महिला की उम्र, ओवेरियन रिजर्व (AMH, AFC), पुराना उपचार इतिहास (पूर्व में हुए गर्भपात या असफल ट्रांसफर), बनने वाले संभावित ब्लास्टोसिस्ट की संख्या, और दंपत्ति के क्लिनिकल लक्ष्य एवं उनकी वित्तीय स्थिति। यह हर IVF साइकिल में अपने आप जोड़ी जाने वाली प्रक्रिया नहीं है।

यदि PGT-A पर विचार किया जा रहा है, तो डॉ. श्वेता अग्रवाल आपके साथ बनने वाले संभावित ब्लास्टोसिस्ट की संख्या, कम से कम एक सामान्य (euploid) भ्रूण मिलने की संभावना, आने वाले खर्च, लगने वाले समय और PGT-A का सुझाव देने के विशिष्ट क्लिनिकल कारणों पर विस्तार से चर्चा करेंगी — ताकि आप पूरी जानकारी के साथ निर्णय ले सकें। जब बायोप्सी प्रक्रिया की जाती है, तो इसे हमारे वरिष्ठ क्लिनिकल एम्ब्रियोलॉजिस्ट डॉ. आयुष अग्रवाल (Aayush Agarwal, Ph.D.) द्वारा किया जाता है, जो PGT-A साइकिल के प्रयोगशाला से जुड़े सभी कार्यों का नेतृत्व करते हैं।

अपनी स्थिति पर चर्चा करने के लिए: हमें WhatsApp करें या +91 80056 85160 पर कॉल करें।


जानने योग्य

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

What is the difference between PGT-A and PGT-M?
PGT-A (प्रीइम्प्लांटेशन जेनेटिक टेस्टिंग फॉर एन्यूप्लोइडी) भ्रूण में क्रोमोसोम की संख्यात्मक असामान्यताओं की जांच करता है — जैसे कि किसी क्रोमोसोम का कम या ज्यादा होना, जैसे डाउन सिंड्रोम में ट्राइसॉमी 21 (trisomy 21)। वहीं, PGT-M (प्रीइम्प्लांटेशन जेनेटिक टेस्टिंग फॉर मोनोजेनिक डिसऑर्डर) किसी विशिष्ट ज्ञात सिंगल-जीन स्थिति की जांच करता है — जैसे थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया या BRCA म्यूटेशन — जहां माता-पिता में से एक या दोनों इसके वाहक (carrier) होते हैं। ये दोनों अलग-अलग टेस्ट हैं और इनके उद्देश्य भी अलग हैं। किसी मरीज को उनकी क्लिनिकल और जेनेटिक स्थिति के आधार पर इनमें से किसी एक की, दोनों की या किसी की भी जरूरत नहीं हो सकती है।
Does PGT-A reveal the sex of the embryo?
अंश (Aansh) में मरीजों को कभी भी भ्रूण के लिंग की जानकारी नहीं दी जाती है। PCPNDT Act के तहत लिंग चयन एक अपराध है और किसी भी स्थिति में इसकी पेशकश नहीं की जाती है। PGT-A केवल भ्रूण के क्रोमोसोमल स्वास्थ्य की जांच करने के लिए किया जाता है — यानी यह जानने के लिए कि उसमें गुणसूत्रों की संख्या सही है या नहीं। भ्रूण के लिंग के बारे में कोई भी जानकारी मरीजों को नहीं दी जाती है।
Does PGT-A guarantee that the pregnancy will continue normally?
जी नहीं। सामान्य (euploid) रिपोर्ट आने का मतलब केवल यह है कि ली गई कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या सही थी। यह भ्रूण के चिपकने (implantation), सफल गर्भावस्था या बच्चे के जीवित जन्म की गारंटी नहीं देता है। अन्य कारक — जैसे गर्भाशय की परत (endometrial receptivity), क्रोमोसोम के अलावा भ्रूण का सामान्य स्वास्थ्य और व्यक्तिगत नैदानिक कारक — सभी परिणाम को प्रभावित करते हैं। PGT-A केवल असफल ट्रांसफर या गर्भपात के जोखिम को कम करता है, इसे पूरी तरह समाप्त नहीं करता।
What happens if all our embryos test aneuploid?
यह एक वास्तविक जोखिम है, विशेष रूप से उन मरीजों में जिनके कम ब्लास्टोसिस्ट बनते हैं और जिनकी उम्र अधिक होती है। यदि जांच किए गए सभी भ्रूण असामान्य (aneuploid) पाए जाते हैं, तो उस साइकिल में ट्रांसफर करने के लिए कोई भी सामान्य भ्रूण नहीं बचता है। ऐसी स्थिति में क्लिनिकल टीम आपके साथ आगे के विकल्पों पर चर्चा करेगी — जिसमें एक और स्टिमुलेशन साइकिल (stimulation cycle) शुरू करना, अन्य कारणों की समीक्षा करना या कुछ परिस्थितियों में डोनर एग्स (donor eggs) का उपयोग करना शामिल हो सकता है। PGT-A कराने से पहले ही इस संभावना पर दंपत्ति के साथ चर्चा की जाती है ताकि वे पूरी जानकारी के साथ निर्णय ले सकें।
What is a mosaic embryo, and can it be transferred?
मोज़ेक भ्रूण (mosaic embryo) वह होता है जिसमें सामान्य और असामान्य दोनों तरह की कोशिकाएं मौजूद होती हैं। मोज़ेक भ्रूण चिकित्सा के नजरिए से एक संवेदनशील विषय हैं — वे पूरी तरह से न तो सामान्य होते हैं और न ही पूरी तरह से असामान्य। वर्तमान शोधों से पता चलता है कि कुछ मोज़ेक भ्रूणों से सामान्य गर्भधारण हो सकता है, लेकिन पूरी तरह से सामान्य (euploid) भ्रूणों की तुलना में इनके परिणाम कम अनुमानित होते हैं। मोज़ेक भ्रूण को ट्रांसफर करने का निर्णय मामले-दर-मामले के आधार पर लिया जाता है, जिसमें डॉ. श्वेता अग्रवाल द्वारा मोज़ेसिज़्म के प्रकार और स्तर तथा सामान्य भ्रूणों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए दंपत्ति को उचित परामर्श दिया जाता है।
Does every IVF patient at Aansh need PGT-A?
जी नहीं। PGT-A हर IVF साइकिल में की जाने वाली सामान्य प्रक्रिया नहीं है। इस पर केवल विशिष्ट क्लिनिकल कारणों में ही विचार किया जाता है — जैसे अधिक मातृ आयु, बार-बार गर्भपात होना, बार-बार इम्प्लांटेशन फेल होना, या पिछली गर्भावस्था में क्रोमोसोम की समस्या होना। अच्छे ओवेरियन रिजर्व और बिना किसी पुराने इतिहास वाली युवा महिलाओं के लिए PGT-A के नियमित उपयोग से सफलता दर में सुधार के कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं। ऐसे में खर्च, लगने वाले समय और बायोप्सी के हल्के जोखिम की तुलना में मिलने वाले अनिश्चित लाभ को तौलकर ही निर्णय लेना चाहिए।
How long does PGT-A add to the IVF process?
चूंकि PGT-A के लिए सभी भ्रूणों को फ्रीज करना (freeze-all cycle) पड़ता है और रिपोर्ट आने के बाद ही फ्रोजन भ्रूण ट्रांसफर (FET) किया जाता है, इसलिए इसमें सामान्य फ्रेश ट्रांसफर की तुलना में लगभग 4 से 6 सप्ताह का समय अधिक लगता है। जेनेटिक्स प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने का समय अलग-अलग हो सकता है; डॉ. श्वेता अग्रवाल उपचार की योजना बनाते समय आपको वर्तमान अपेक्षित समय-सीमा के बारे में सलाह देंगी।
Can PGT-A be done on day-3 embryos, or must they be blastocysts?
अंश (Aansh) में वर्तमान क्लिनिकल अभ्यास के अनुसार ब्लास्टोसिस्ट चरण (विकास के 5वें या 6वें दिन) पर ट्रोफेक्टोडर्म बायोप्सी की जाती है, जो कि मानक और अनुशंसित तरीका है। तीसरे दिन (day-3) की जाने वाली ब्लास्टोमेयर बायोप्सी एक पुरानी तकनीक है, जिससे भ्रूण पर अधिक तनाव पड़ता है और इसके परिणाम भी कम सटीक होते हैं; इसलिए आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों में इसका नियमित रूप से उपयोग नहीं किया जाता है।
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