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Single vs Double Embryo Transfer: How Many Embryos to Transfer?

इलेक्टिव सिंगल एम्ब्रियो ट्रांसफर (eSET) — यानी एक ही भ्रूण (embryo) को ट्रांसफर करना — जुड़वां बच्चों (twin pregnancy) के जोखिम को बहुत हद तक कम कर देता है। सिंगल प्रेग्नेंसी की तुलना में जुड़वां गर्भावस्था में मां और होने वाले शिशु दोनों के लिए मेडिकल जोखिम काफी अधिक होते हैं। दो भ्रूणों को ट्रांसफर करने से हर बार के ट्रांसफर में प्रेग्नेंसी की संभावना तो बढ़ जाती है, लेकिन इसके साथ ही जुड़वां बच्चे होने का खतरा भी बढ़ जाता है। आपके लिए सही फैसला आपकी उम्र, एम्ब्रियो की क्वालिटी और उसकी स्टेज, पहले फेल हो चुके ट्रांसफर, और आपके पास जमे हुए (frozen) एम्ब्रियो बचे हैं या नहीं, इन सब पर निर्भर करता है। इसका कोई एक सीधा जवाब नहीं है, और किसी भी तरीके में शत-प्रतिशत सफलता की गारंटी नहीं दी जा सकती।

Medically reviewed by Dr. Shweta Agarwal, MBBS, DGO · Last updated July 2026
Dr. Shweta Agarwal, Founder & Lead Fertility Specialist, at Aansh Hospital & IVF Center, Chandrapur Govt. ART-registered
Dr. Shweta Agarwal MBBS, DGO · Reproductive Medicine
5,000+IVF babies
30+Years of experience
4.9★500+ reviews · Google, JustDial, Practo
94%AI embryo-analysis accuracy · Garbha.ai
ART Level 2 RegisteredGovt. of India — ART Act 2021
Dr. Shweta AgarwalMBBS, DGO · Reproductive Medicine
On-site embryology labLed by Aayush Agarwal, Ph.D.
Marathi · Hindi · EnglishChandrapur · Nagpur · Vidarbha

डॉ. श्वेता अग्रवाल, MBBS, DGO द्वारा डॉ. श्वेता अग्रवाल, MBBS, DGO द्वारा चिकित्सकीय रूप से समीक्षित आखिरी अपडेट: जून 2026

इस पेज पर दी गई जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है और इसे किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प न माना जाए। परिणाम हर मरीज की व्यक्तिगत शारीरिक स्थिति पर निर्भर करते हैं।

आंश हॉस्पिटल एंड आईवीएफ सेंटर (Aansh Hospital & IVF Center) एक सरकारी पंजीकृत लेवल-2 एआरटी क्लिनिक (पंजीकरण संख्या MH/AC/2024/15441/L2/Chandrapur/132) है, जिसकी क्लिनिकल और भ्रूणविज्ञान (embryology) टीमें हमारे चंद्रपुर मुख्यालय से काम करती हैं। हमारा ART पंजीकरण आईवीएफ (IVF) को कवर करता है, जिसमें भ्रूण ट्रांसफर (embryo transfer) भी शामिल है। यह पेज भ्रूण ट्रांसफर की प्रक्रिया को चरण-दर-चरण नहीं समझाता है — IVF उपचार पेज और फ्रोजन भ्रूण ट्रांसफर (frozen embryo transfer) पेज में इसके बारे में विस्तार से बताया गया है। इस पेज पर हम उस बेहद खास और संवेदनशील सवाल पर चर्चा कर रहे हैं जो अक्सर दंपतियों के सामने आता है: हमें कितने भ्रूण ट्रांसफर करने चाहिए?


"Ek embryo transfer karaycha ki don?" (एक एम्ब्रियो ट्रांसफर करें या दो?) — यह सवाल फर्टिलिटी इलाज के दौरान लिया जाने वाला सबसे बड़ा और भावनात्मक निर्णय हो सकता है। इसमें क्लिनिकल कारक (भ्रूण की गुणवत्ता, उम्र, पिछला इतिहास), एक बड़ा समझौता (हर बार के ट्रांसफर में सफलता की संभावना बनाम जुड़वां बच्चों का जोखिम), और हर दंपति के अपने व्यक्तिगत विचार शामिल होते हैं। नीचे दी गई जानकारी वह क्लिनिकल फ्रेमवर्क है जिसके आधार पर आंश (Aansh) में इस विषय पर चर्चा की जाती है, ताकि दंपति पूरी जानकारी के साथ अपना निर्णय ले सकें।


What is the actual trade-off between single and double embryo transfer?

यह समझौता बहुत व्यावहारिक है और इसके दोनों पहलुओं को समझना जरूरी है।

दो भ्रूणों को ट्रांसफर करने (Double embryo transfer) से इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि कम से कम एक भ्रूण गर्भाशय में प्रत्यारोपित (implant) हो जाएगा — खासकर तब जब भ्रूण की गुणवत्ता (embryo quality) कम हो या पहले के ट्रांसफर फेल हो चुके हों। लेकिन इसके साथ ही दोनों भ्रूणों के प्रत्यारोपित होने और जुड़वां बच्चे (twin pregnancy) होने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है।

एक भ्रूण को ट्रांसफर करने (eSET — elective single embryo transfer) से जुड़वां बच्चों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है, हालांकि कुछ क्लिनिकल मामलों में हर बार के ट्रांसफर में प्रेग्नेंसी की संभावना थोड़ी कम हो सकती है। लेकिन, यदि ट्रांसफर किया जाने वाला भ्रूण एक अच्छी गुणवत्ता का ब्लास्टोसिस्ट (blastocyst) है, तो सही मरीजों के लिए eSET के परिणाम डबल ट्रांसफर के लगभग बराबर ही मिल सकते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण क्लिनिकल बात: IVF से जुड़वां बच्चे होना केवल एक "बोनस" नहीं है — यह चिकित्सा विज्ञान में एक गंभीर जोखिम वाली श्रेणी है। यह केवल शैक्षिक और तथ्यात्मक जानकारी है, न कि जुड़वां बच्चों की उम्मीद करने वाले दंपतियों को निराश करने का प्रयास। इसकी क्लिनिकल हकीकत नीचे दिए गए भाग में समझाई गई है।


What are the medical risks of a twin pregnancy?

जुड़वां गर्भधारण में — जिसमें आईवीएफ से होने वाली प्रेगनेंसी भी शामिल है — एक बच्चे (singleton) की तुलना में अधिक जोखिम होते हैं। ये स्थापित मेडिकल तथ्य हैं, जिनका उद्देश्य किसी को डराना नहीं है:

मां के लिए जोखिमों में शामिल हैं:

  • एक बच्चे की गर्भावस्था की तुलना में जेस्टेशनल डायबिटीज (गर्भावस्था के दौरान शुगर) की उच्च दर
  • जेस्टेशनल हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) और प्री-एक्लेम्पसिया की अधिक संभावना
  • एनीमिया (खून की कमी)
  • सिजेरियन डिलीवरी (सिजेरियन ऑपरेशन) की अधिक संभावना
  • समय से पहले प्रसव पीड़ा (Pre-term labour)

नवजात शिशु के लिए जोखिमों में शामिल हैं:

  • प्री-टर्म बर्थ (जुड़वां बच्चे अक्सर 37 हफ़्तों से पहले पैदा होते हैं; कई तो 34 हफ़्तों से पहले भी पैदा हो जाते हैं)
  • जन्म के समय कम वजन होना, जिसके कारण बच्चे को नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में भर्ती करना पड़ सकता है
  • एक बच्चे की तुलना में नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में भर्ती होने की अधिक संभावना
  • समय से पहले जन्म (prematurity) से जुड़ी जटिलताओं का अधिक खतरा

डबल भ्रूण ट्रांसफर पर विचार करने वाले किसी भी दंपति के लिए, इन जोखिमों को समझना निर्णय लेने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है — इसका मतलब यह नहीं है कि आपको इससे पूरी तरह बचना चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य यह है कि आप अपनी शारीरिक स्थिति के अनुसार इसे सावधानीपूर्वक समझें। जो दंपति हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी मैनेजमेंट पर चर्चा करना चाहते हैं, वे डॉ. श्वेता अग्रवाल से बात कर सकते हैं, जो आंश (Aansh) में क्लिनिकल प्रैक्टिस के हिस्से के रूप में हाई-रिस्क ऑब्सटेट्रिक केयर (उच्च जोखिम वाली प्रसूति देखभाल) संभालती हैं; हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी के बारे में अधिक जानकारी /treatments/high-risk-pregnancy पर उपलब्ध है।


When is elective single embryo transfer (eSET) the clinically supported recommendation?

निम्नलिखित स्थितियों में eSET की सलाह दी जाती है:

अच्छी गुणवत्ता वाले ब्लास्टोसिस्ट का उपलब्ध होना। एक अच्छे ग्रेड वाले ब्लास्टोसिस्ट (day 5/6, जिसमें अच्छा इनर सेल मास और ट्रॉफेक्टोडर्म स्कोर हो) में प्रत्यारोपण (implantation) की बेहतरीन क्षमता होती है, जिससे eSET क्लिनिकली सबसे सही विकल्प बन जाता है — ऐसे में दूसरा भ्रूण ट्रांसफर करने का अतिरिक्त लाभ कम होता है, जबकि जुड़वां बच्चों का जोखिम बना रहता है।

अच्छी ओवेरियन रिजर्व (ovarian reserve) वाली कम उम्र की महिला। 35 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में, जिनका ओवेरियन स्टिमुलेशन के प्रति अच्छा रिस्पॉन्स होता है, उनके कई अच्छी गुणवत्ता वाले भ्रूण बन सकते हैं। एक बार में केवल एक ही भ्रूण ट्रांसफर करना — और ज़रूरत पड़ने पर बाद के प्रयासों के लिए फ्रोजन एम्ब्रियो का उपयोग करना — एक ऐसी रणनीति है जो संचयी (cumulative) सफलता की संभावनाओं को बनाए रखते हुए जुड़वां बच्चों के जोखिम को कम करती है।

बाद के FET के लिए फ्रोजन एम्ब्रियो का उपलब्ध होना। eSET तब सबसे ज्यादा व्यावहारिक होता है जब दंपति के पास अतिरिक्त सुरक्षित रखे गए (cryopreserved) एम्ब्रियो होते हैं। यदि एक एम्ब्रियो के ट्रांसफर से गर्भधारण नहीं होता है, तो अगले फ्रोजन एम्ब्रियो को अगले चक्र (cycle) में ट्रांसफर किया जा सकता है। इससे कई फ्रोजन ट्रांसफर में संचयी सफलता की संभावना बनी रहती है।

गर्भाशय से जुड़े कारक जो जुड़वां बच्चों का जोखिम बढ़ाते हैं। गर्भाशय की कुछ शारीरिक बनावट से जुड़े कारक जुड़वां गर्भावस्था के दौरान मां के लिए जोखिम बढ़ा देते हैं; ऐसे मामलों में, भ्रूण की गुणवत्ता चाहे जो भी हो, क्लिनिकली eSET को ही प्राथमिकता दी जाती है।


When might double embryo transfer be considered?

निम्नलिखित क्लिनिकल स्थितियों में डबल एम्ब्रियो ट्रांसफर पर विचार किया जा सकता है:

पहले कई बार ट्रांसफर फेल होना। कई बार असफल सिंगल-एम्ब्रियो ट्रांसफर के बाद, जहां भ्रूण की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं लग रही थी, वहां दो भ्रूणों को ट्रांसफर करने की सलाह दी जा सकती है। इसके पीछे का कारण यह है कि बार-बार विफलता किसी अन्य कारक की ओर इशारा करती है, और इस स्थिति में दोनों भ्रूणों के प्रत्यारोपित होने की संभावना एक नए (de-novo) चक्र की तुलना में कम हो सकती है।

कम ओवेरियन रिजर्व वाली अधिक उम्र की महिला। 38 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में, जहां ओवेरियन रिजर्व सीमित होता है और उपलब्ध भ्रूण क्लीवेज-स्टेज (cleavage-stage) के होते हैं (ब्लास्टोसिस्ट नहीं), वहां प्रति-भ्रूण प्रत्यारोपण की क्षमता कम होती है और भविष्य के प्रयासों की संख्या सीमित होती है। ऐसे में डबल ट्रांसफर को लेकर डॉक्टरों और मरीजों के बीच चर्चा अधिक संवेदनशील और विस्तृत हो जाती है।

सभी भ्रूणों की गुणवत्ता कम होना। जब उपलब्ध सभी भ्रूण कम गुणवत्ता के होते हैं, तो दोनों के प्रत्यारोपित होने की संभावना — और इसलिए जुड़वां बच्चों का जोखिम — उच्च गुणवत्ता वाले ब्लास्टोसिस्ट की तुलना में कम होता है। ऐसे में नफा-नुकसान (risk-benefit) का आकलन बदल जाता है।

सुरक्षित (reserve) में बहुत कम या कोई भ्रूण न होना। यदि उपलब्ध भ्रूण ही एकमात्र बचा हुआ भ्रूण है और कोई फ्रोजन बैकअप नहीं है, तो यह निर्णय उस स्थिति से काफी अलग होता है जहां आपके पास कई फ्रोजन एम्ब्रियो बैकअप में मौजूद होते हैं।

डबल ट्रांसफर की चर्चा में हमेशा जुड़वां गर्भावस्था के जोखिम को ध्यान में रखा जाता है। यह निर्णय दंपति के साथ मिलकर लिया जाता है, न कि उन पर थोपा जाता है — लेकिन मेडिकल स्थिति की पूरी तस्वीर स्पष्ट रूप से उनके सामने रखी जाती है।


Single vs double embryo transfer: a side-by-side comparison

कारक इलेक्टिव सिंगल ET (eSET) डबल एम्ब्रियो ट्रांसफर (DET)
ट्रांसफर किए जाने वाले भ्रूण (Embryos) 1 2
जुड़वां गर्भावस्था (Twins) का जोखिम कम काफी अधिक
हर बार ट्रांसफर में प्रेग्नेंसी की संभावना अच्छे ब्लास्टोसिस्ट के साथ DET के बराबर; क्लीवेज-स्टेज या कम गुणवत्ता वाले भ्रूणों के साथ कम अधिकांश समूहों में eSET की तुलना में हर बार ट्रांसफर में अधिक
फ्रोजन बैकअप की उपलब्धता? आदर्श — FET साइकिलों में संचयी (cumulative) संभावना सुरक्षित रहती है कम महत्वपूर्ण — बचे हुए बैकअप पर निर्भर करता है
ब्लास्टोसिस्ट स्टेज पर प्राथमिकता? मजबूती से — ब्लास्टोसिस्ट ग्रेडिंग eSET के भरोसे को बढ़ाती है कम गुणवत्ता या क्लीवेज-स्टेज भ्रूणों के साथ उचित
आदर्श मरीज (Candidate) 35 वर्ष से कम उम्र, अच्छा ब्लास्टोसिस्ट, फ्रोजन भ्रूण उपलब्ध अधिक उम्र के मरीज, पहले कई बार असफलता, सीमित बैकअप, कम गुणवत्ता वाले भ्रूण
मां के लिए जोखिम का स्तर कम जुड़वां बच्चों के जोखिम के कारण अधिक
नवजात शिशु के लिए जोखिम का स्तर कम जुड़वां बच्चों में समय से पहले जन्म (prematurity) के जोखिम के कारण अधिक
समय के साथ संचयी (cumulative) परिणाम जब विभिन्न साइकिलों में फ्रोजन भ्रूणों का उपयोग किया जाता है, तो DET के बराबर सिंगल-साइकिल में संभावना अधिक; संचयी रूप से कोई बड़ा अंतर नहीं

What does the evidence say about cumulative outcomes?

एक ही एग-रिट्रीवल (egg-retrieval) साइकिल से बने ताज़ा (fresh) और फ्रोजन भ्रूणों के कुल परिणामों — यानी संचयी गर्भावस्था परिणामों (cumulative pregnancy outcomes) — पर किए गए अध्ययनों में पाया गया है कि बचे हुए भ्रूणों के FET के साथ eSET करने से डबल ट्रांसफर के समान ही संचयी परिणाम मिलते हैं, और इसके साथ ही जुड़वां बच्चों की दर में काफी कमी आती है।

इस संचयी (cumulative) पहलू को समझना बहुत जरूरी है: जब कोई दंपति पूछता है कि "क्या एक भ्रूण ट्रांसफर करने से हमारे प्रेगनेंट होने की संभावना कम नहीं हो जाएगी?", तो कई क्लिनिकल मामलों में इसका जवाब होता है: पूरे इलाज के दौरान नहीं, बल्कि केवल एक बार के ट्रांसफर के दौरान थोड़ी कम हो सकती है। यह अंतर बेहद महत्वपूर्ण है।

रिप्रोडक्टिव मेडिसिन सोसायटियों के बीच क्लिनिकल आम सहमति अच्छे पूर्वानुमान (good-prognosis) वाले मरीजों — यानी वे मरीज जिनके पास अच्छी गुणवत्ता वाले ब्लास्टोसिस्ट, कम उम्र और फ्रोजन एम्ब्रियो उपलब्ध हैं — के लिए eSET को ही प्राथमिकता देने का समर्थन करती है, क्योंकि यह जुड़वां बच्चों के जोखिम से बचाते हुए समान संचयी परिणाम प्रदान करता है।


How is the embryo-number decision made at Aansh?

स्थानांतरण (transfer) से पहले इस पर चर्चा की जाती है, आमतौर पर उस समय जब भ्रूणों के समूह (embryo cohort) का मूल्यांकन कर लिया जाता है और उपलब्ध भ्रूणों की संख्या और उनकी गुणवत्ता का पता चल जाता है। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बातों पर विचार किया जाता है:

  1. भ्रूण की गुणवत्ता और स्टेज — एक उच्च गुणवत्ता वाला ब्लास्टोसिस्ट eSET के लिए सबसे स्पष्ट और उपयुक्त मामला है।
  2. महिला की उम्र — अच्छे पूर्वानुमान (prognosis) वाली कम उम्र की महिला मरीज eSET के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार होती हैं।
  3. पहले फेल हो चुके ट्रांसफर की संख्या — बिना किसी स्पष्ट कारण के ट्रांसफर फेल होने का इतिहास इस निर्णय के गणित को बदल देता है।
  4. सुरक्षित (reserve) फ्रोजन एम्ब्रियो की संख्या — बैकअप एम्ब्रियो उपलब्ध होने पर eSET का निर्णय सबसे ज्यादा व्यावहारिक होता है।
  5. जुड़वां बच्चों के जोखिम के बारे में दंपति की खुद की समझ — पूरी जानकारी और आपसी सहमति से लिया गया निर्णय।

डॉ. श्वेता अग्रवाल ट्रांसफर से पहले दंपति के साथ इन सभी कारकों पर विस्तार से चर्चा करती हैं। उनकी स्थिति के अनुसार सलाह दी जाती है, उसके कारणों को समझाया जाता है, और किसी भी फैसले को अंतिम रूप देने से पहले दंपति के सभी सवालों के जवाब दिए जाते हैं।

खर्चों और ईएमआई (EMI) विकल्पों के लिए: IVF cost & 0% EMI

अपनी स्थिति पर चर्चा करने के लिए: WhatsApp करें +91 80056 85160 / WhatsApp पर।


जानने योग्य

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

If we transfer two embryos, are we guaranteed to get twins?
नहीं, और किसी भी परिणाम की गारंटी नहीं दी जा सकती। दो भ्रूणों को ट्रांसफर करने से जुड़वां बच्चे होने की संभावना बढ़ जाती है — लेकिन यह इसे सुनिश्चित नहीं करता है। ऐसा हो सकता है कि एक या दोनों ही भ्रूण प्रत्यारोपित होने में असफल रहें। दोनों के प्रत्यारोपण की संभावना भ्रूण की गुणवत्ता, गर्भाशय के कारकों और मरीज की व्यक्तिगत शारीरिक स्थिति पर निर्भर करती है। यह जोखिम वास्तविक है और निर्णय लेने से पहले इसे ठीक से समझा जाना चाहिए, इसे निश्चितता नहीं माना जाना चाहिए।
We really want twins — is double embryo transfer a reasonable way to achieve that?
जुड़वां बच्चों की चाहत होना स्वाभाविक है, लेकिन जुड़वां गर्भावस्था (twin pregnancy) के चिकित्सीय जोखिम वास्तविक हैं और इन्हें सावधानी से तौला जाना चाहिए। जुड़वां गर्भधारण में एक बच्चे की तुलना में प्री-टर्म बर्थ (समय से पहले जन्म), जन्म के समय शिशु का वजन कम होना, NICU में भर्ती करने की आवश्यकता और मां के लिए अन्य स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं की दर काफी अधिक होती है। चिकित्सीय रूप से यही सलाह दी जाती है कि जब भी सही हो, एक बार में एक ही भ्रूण ट्रांसफर किया जाए, क्योंकि जुड़वां बच्चे होना भले ही खुशी की बात हो सकती है, लेकिन यह मां और बच्चों दोनों के लिए अतिरिक्त जोखिम लाता है। किसी भी दिशा में किसी भी परिणाम की गारंटी नहीं दी जा सकती।
Does transferring one embryo reduce our overall chance of having a baby?
कई क्लिनिकल मामलों में, पूरे आईवीएफ (IVF) साइकिल के दौरान गर्भधारण की संचयी (cumulative) संभावना — जिसमें ताज़ा (fresh) और उसके बाद के फ्रोजन एम्ब्रियो का ट्रांसफर शामिल है — eSET और डबल ट्रांसफर के बीच लगभग समान होती है, बशर्ते आपके पास फ्रोजन एम्ब्रियो उपलब्ध हों। किसी एक प्रयास में प्रति-ट्रांसफर की संभावना कम होने का मतलब यह नहीं है कि आपकी कुल सफलता की दर कम हो जाएगी, क्योंकि फ्रोजन एम्ब्रियो के माध्यम से आगे के प्रयास किए जा सकते हैं। आपकी भ्रूणविज्ञानी (embryologist) और डॉ. श्वेता अग्रवाल आपको समझाएंगे कि आपके भ्रूणों के समूह (embryo cohort) के आधार पर यह आपके लिए कैसे काम करेगा।
At what age is eSET most appropriate?
eSET की सलाह सबसे मजबूती से 35 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं के लिए दी जाती है, जिनके पास अच्छी गुणवत्ता वाला ब्लास्टोसिस्ट और फ्रोजन एम्ब्रियो उपलब्ध होते हैं। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है और ओवेरियन रिजर्व कम होता है, यह संतुलन बदल जाता है — हालांकि डबल ट्रांसफर से जुड़वां बच्चों का जोखिम उम्र के साथ कम नहीं होता है। यह निर्णय हमेशा हर मरीज की स्थिति के आधार पर व्यक्तिगत रूप से लिया जाता है।
We had a failed single embryo transfer last time — does that mean we should transfer two this time?
ऐसा जरूरी नहीं है। ट्रांसफर फेल होने का कारण क्या था, यह बहुत मायने रखता है। यदि भ्रूण की गुणवत्ता अच्छी थी और एंडोमेट्रियम (गर्भाशय की परत) अच्छी तरह से तैयार थी, तो केवल एक बार ट्रांसफर फेल होना यह संकेत नहीं देता कि अगली बार डबल ट्रांसफर ही करना चाहिए। यदि अच्छी गुणवत्ता वाले भ्रूणों के साथ कई बार ट्रांसफर फेल हो चुका है और इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं मिला है, तो यह इतिहास क्लिनिकल चर्चा की दिशा को जरूर बदल देता है। डॉ. श्वेता अग्रवाल अगले प्रयास के लिए कोई सलाह देने से पहले आपके पिछले चक्र (cycle history) की समीक्षा करेंगी।
Is eSET recommended by fertility societies internationally?
हाँ। दुनिया भर के प्रमुख रिप्रोडक्टिव मेडिसिन संगठन समान संचयी (cumulative) परिणामों और जुड़वां बच्चों की दरों में भारी कमी का हवाला देते हुए, अच्छे पूर्वानुमान (good-prognosis) वाले मरीजों के लिए eSET को सबसे पसंदीदा दृष्टिकोण के रूप में समर्थन देते हैं।
Does blastocyst stage make a difference to the eSET decision?
हाँ, बिल्कुल। क्लीवेज-स्टेज भ्रूण की तुलना में एक अच्छे ग्रेड वाले ब्लास्टोसिस्ट में प्रत्यारोपण (implantation) की अधिक और अधिक अनुमानित क्षमता होती है। इसका मतलब यह है कि एक ब्लास्टोसिस्ट के साथ हर बार के ट्रांसफर में सफलता की संभावना दो क्लीवेज-स्टेज भ्रूणों के ट्रांसफर के लगभग समान होती है — जिससे ब्लास्टोसिस्ट स्टेज पर eSET करना क्लिनिकली सबसे सही निर्णय बन जाता है। ब्लास्टोसिस्ट बनाम डे-3 (Day-3) के निर्णय के बारे में अधिक जानने के लिए, Day 3 vs Day 5 Embryo Transfer देखें।
What happens to the other embryos if we transfer only one?
यदि अतिरिक्त भ्रूणों को फ्रीज किया गया है, तो उन्हें भविष्य के फ्रोजन एम्ब्रियो ट्रांसफर चक्रों में उपयोग के लिए विट्रीफिकेशन (vitrification) सुविधा में सुरक्षित रखा जाता है। वे बिना किसी नई स्टिमुलेशन और एग-रिट्रीवल प्रक्रिया के, भविष्य के प्रयासों के लिए उपलब्ध रहते हैं। भंडारण (storage) और थॉइंग (thawing) के विवरण के लिए भ्रूण फ्रीजिंग (embryo freezing) पेज देखें।
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