लेखिका: Dr. Shweta Agarwal, MBBS, DGO मेडिकल रिव्यू: Dr. Shweta Agarwal, MBBS, DGO अंतिम अपडेट: जून 2026
इस पेज पर दी गई जानकारी केवल जागरूकता के लिए है और यह किसी मेडिकल परामर्श का विकल्प नहीं है। इलाज के परिणाम हर मरीज़ की व्यक्तिगत मेडिकल स्थिति पर निर्भर करते हैं।
अंश हॉस्पिटल एंड IVF सेंटर (Aansh Hospital & IVF Center) एक सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त Level-2 ART क्लिनिक (Reg. No. MH/AC/2024/15441/L2/Chandrapur/132) है। यह विदर्भ और उत्तरी तेलंगाना में सेवा देने वाले फर्टिलिटी सेंटरों के एक बढ़ते नेटवर्क का हिस्सा है — किसी चेन के विपरीत, जहां हर सेंटर के डॉक्टर स्वतंत्र रूप से निर्णय लेते हैं, हर साइकिल का अंतिम उपचार-निर्णय हर लोकेशन पर डॉ. श्वेता अग्रवाल का ही होता है, जिसका मुख्यालय और अपनी इन-हाउस एम्ब्रियोलॉजी लैब चंद्रपुर में स्थित है। आप हमारा सरकारी ART रजिस्ट्रेशन सीधे National ART & Surrogacy Registry पर वेरिफाई कर सकते हैं। नीचे जिस ART Act 2021 के नियमों की जानकारी दी गई है, वह भारत के हर फर्टिलिटी क्लिनिक पर लागू होती है — केवल अंश पर नहीं। यह पेज इसलिए लिखा गया है ताकि किसी भी क्लिनिक को चुनते समय आप सही सवाल पूछ सकें।
आजकल भारत में फर्टिलिटी क्लिनिक चुनते समय मरीज़ अक्सर रजिस्ट्रेशन, मान्यता (accreditation), और कानूनी नियमों के पालन के बारे में पूछते हैं — और ऐसा पूछना उनका हक भी है। Assisted Reproductive Technology (Regulation) Act, 2021 ने देश भर में एक अनिवार्य रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू की है, जो पहले नहीं थी। यह समझना कि "रजिस्टर्ड" होने का असल में क्या मतलब है — और किस लेवल का रजिस्ट्रेशन किन सुविधाओं के लिए होता है — आपको किसी भी क्लिनिक को परखने का एक ठोस और प्रामाणिक आधार देता है, ताकि आप केवल विज्ञापनों पर निर्भर न रहें।
मराठी और हिंदी में मरीज़ अक्सर इस प्रक्रिया को ART नोंदणी (ART रजिस्ट्रेशन) कहते हैं, और NARTSR को कई बार राष्ट्रीय ART नोंदणी (नेशनल ART रजिस्ट्री) भी कहा जाता है। आप सवाल किसी भी भाषा में पूछें, इसके नियम और मायने एक ही रहते हैं।
ART (Regulation) Act, 2021 क्या है?
Assisted Reproductive Technology (Regulation) Act, 2021 भारत में फर्टिलिटी क्लिनिक और ART बैंकों को नियंत्रित करने वाला मुख्य कानून है। दिसंबर 2021 में राष्ट्रपति की मंज़ूरी मिलने के बाद इसे लागू किया गया था। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय इसे National ART & Surrogacy Board और संबंधित State Boards के माध्यम से संचालित करता है।
इस कानून के आने से पहले, भारत में फर्टिलिटी क्लिनिक मुख्य रूप से Indian Council of Medical Research (ICMR) द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों पर चलते थे, जो पहली बार 2005 में आए और बाद में संशोधित हुए। लेकिन 2021 के इस कानून ने उन ऐच्छिक नियमों को एक सख्त कानूनी बाध्यता बना दिया, जिसका पालन न करने पर सज़ा का भी प्रावधान है। इसके मुख्य नियम इस प्रकार हैं:
- अनिवार्य रजिस्ट्रेशन: किसी भी तरह की सुविधा देने से पहले हर ART क्लिनिक और ART बैंक का रजिस्ट्रेशन होना ज़रूरी है।
- रजिस्ट्रेशन लेवल: यह तय करता है कि कोई भी रजिस्टर्ड क्लिनिक कौन-कौन सी प्रक्रियाएं करने के लिए अधिकृत है।
- सहमति (Consent) के नियम: हर ART प्रक्रिया के लिए मरीज़ की लिखित सहमति ज़रूरी है। डोनर एग/स्पर्म और सरोगेसी के लिए इसके विशेष नियम हैं।
- रिकॉर्ड रखना: क्लिनिक को कानूनी रूप से तय समय तक सभी प्रक्रियाओं का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होता है।
- लिंग चयन पर रोक: ART प्रक्रिया के किसी भी चरण में भ्रूण के लिंग की जांच या चयन पर पूरी तरह रोक है (जो Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act को और मज़बूत बनाता है)।
- मरीज़ों के अधिकार: इसमें सही जानकारी पाना, दी गई सहमति को वापस लेना, और अपने मेडिकल रिकॉर्ड तक पहुंच पाना शामिल है।
इसके साथ ही Surrogacy (Regulation) Act, 2021 भी पास किया गया था, जो सरोगेसी की प्रक्रियाओं को अलग से नियंत्रित करता है। इन दोनों कानूनों ने मिलकर National ART & Surrogacy Registry (NARTSR) की स्थापना की, जो भारत के सभी रजिस्टर्ड ART क्लिनिक और बैंकों का एक केंद्रीय डेटाबेस है।
Level-1 और Level-2 ART क्लिनिक में क्या अंतर है?
ART (Regulation) Act, 2021 और इसके तहत बनाए गए नियमों में ART क्लिनिक के रजिस्ट्रेशन के दो लेवल तय किए गए हैं। क्लिनिक का लेवल ही यह निर्धारित करता है कि वह कानूनी तौर पर कौन-कौन से इलाज कर सकता है।
Level-1 ART Clinic — यह क्लिनिक बेसिक फर्टिलिटी प्रक्रियाओं को करने के लिए अधिकृत होता है:
- इंट्रायूटेराइन इनसेमिनेशन (IUI)
- ओव्यूलेशन इंडक्शन और मॉनिटरिंग
- बेसिक सीमेन हैंडलिंग और तैयारी
एक Level-1 क्लिनिक को IVF, ICSI, एम्ब्रियो कल्चर, या क्रायोप्रिजर्वेशन करने का अधिकार नहीं होता है। यदि कोई Level-1 क्लिनिक आपको IVF की सुविधा दे रहा है, तो वह अपने रजिस्ट्रेशन के नियमों का उल्लंघन कर रहा है — और एक मरीज़ के तौर पर आप रजिस्ट्री पर जाकर इस सच्चाई का पता लगा सकते हैं।
Level-2 ART Clinic — यह क्लिनिक हर प्रकार की एडवांस्ड असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी प्रक्रियाओं को करने के लिए अधिकृत होता है, जिनमें शामिल हैं:
- In Vitro Fertilisation (IVF) और Intracytoplasmic Sperm Injection (ICSI)
- एम्ब्रियो कल्चर और blastocyst स्टेज तक का एक्सटेंडेड कल्चर
- क्रायोप्रिजर्वेशन — अंडे, स्पर्म, और एम्ब्रियो को फ्रीज करके सुरक्षित रखना
- एम्ब्रियो ट्रांसफर (फ्रेश और फ्रोजन दोनों)
Level-2 रजिस्ट्रेशन पाने के लिए, अन्य शर्तों के साथ-साथ क्लिनिक के भीतर ही एक in-house embryology laboratory होना अनिवार्य है। यह लैब National ART & Surrogacy Board द्वारा तय किए गए इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्टाफ के मानकों पर खरी उतरनी चाहिए। इसका सीधा मतलब यह है कि Level-2 रजिस्ट्रेशन के तहत, IVF और एम्ब्रियो हैंडलिंग का काम किसी बाहरी (third-party) लैब से नहीं करवाया जा सकता — सारे उपकरण और योग्य स्टाफ उसी क्लिनिक में मौजूद होने चाहिए।
मरीज़ों के लिए इसका सीधा अर्थ यह है: यदि आप IVF या ICSI करवाने जा रहे हैं, तो उस क्लिनिक के पास Level-2 रजिस्ट्रेशन होना ही चाहिए। यदि उनके पास केवल Level-1 रजिस्ट्रेशन है और वे IVF का दावा कर रहे हैं, तो यह एक बड़ी गड़बड़ी है जिसकी जांच आप सीधे राष्ट्रीय रजिस्ट्री पर कर सकते हैं।
ART Bank क्या होता है, और इसका रजिस्ट्रेशन क्यों मायने रखता है?
एक ART Bank कानूनी रूप से ART क्लिनिक से एक अलग संस्था होती है। ART Act 2021 के तहत, एक ART Bank को विशेष रूप से इन कामों के लिए अधिकृत किया जाता है:
- डोनर गैमीट्स (अंडे और स्पर्म) की जांच, उन्हें स्टोर करना और सप्लाई करना
- डोनर्स की पहचान गुप्त रखते हुए उनका पूरा रिकॉर्ड मेंटेन करना
- डोनर गैमीट्स की सप्लाई के लिए रजिस्टर्ड ART क्लीनिक्स के साथ तालमेल बिठाना
हर ART Bank का NARTSR में अलग से रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है। इसका रजिस्ट्रेशन नंबर क्लिनिक के रजिस्ट्रेशन नंबर से बिल्कुल अलग होता है। यदि कोई क्लिनिक डोनर-एग या डोनर-स्पर्म की प्रक्रियाएं कर रहा है, तो यह काम एक रजिस्टर्ड ART Bank के माध्यम से ही होना चाहिए — चाहे वह क्लिनिक का अपना बैंक हो या कोई अन्य अलग से रजिस्टर्ड बैंक।
मरीज़ों के लिए यह इसलिए बहुत ज़रूरी है क्योंकि ART Act में डोनर की सहमति, पहचान गुप्त रखने और रिकॉर्ड बनाए रखने के बहुत सख्त नियम हैं। एक रजिस्टर्ड ART Bank इसी कानूनी दायरे में रहकर काम करता है; जबकि बिना रजिस्ट्रेशन वाले डोनर अरेंजमेंट में इन नियमों की कोई गारंटी नहीं होती।
Aansh Hospital & IVF Center के पास अपना खुद का ART Bank रजिस्ट्रेशन (Reg. No. MH/AB/2024/11445/Chandrapur/91) है, जिसे NARTSR रजिस्ट्री पर वेरिफाई किया जा सकता है। अंश में डोनर से जुड़ी कोई भी चर्चा केवल जागरूकता के लिए और पूरी तरह से इस कानूनी दायरे में रहकर ही की जाती है, जो कि कानून के नियमों के अनुकूल है।
रजिस्ट्रेशन नंबर का मतलब क्या होता है?
NARTSR के तहत मिलने वाले ART क्लिनिक रजिस्ट्रेशन नंबर में आमतौर पर कई जानकारियां छिपी होती हैं — जैसे राज्य का कोड, संस्था का प्रकार (ART Clinic या ART Bank), रजिस्ट्रेशन का साल, एक खास पहचान नंबर, रजिस्ट्रेशन लेवल, और जिले का नाम। उदाहरण के तौर पर MH/AC/2024/15441/L2/Chandrapur/132 को देखें, तो इसमें MH का मतलब राज्य (Maharashtra) है, AC का मतलब ART Clinic है (ART Bank के लिए AB का इस्तेमाल होता है), 2024 रजिस्ट्रेशन का साल है, L2 का अर्थ Level-2 रजिस्ट्रेशन है, और Chandrapur जिले का नाम है। हालांकि यह ढांचा थोड़ा बदल सकता है, इसलिए मरीज़ों को नंबर के फॉर्मेट से ज़्यादा, राष्ट्रीय रजिस्ट्री पर सर्च करने के बाद मिलने वाले नतीजों को ही क्लिनिक का असली प्रमाण मानना चाहिए।
ART Bank के रजिस्ट्रेशन नंबर में AC की जगह AB का उपयोग होता है, और ART बैंकों को Level-1 या Level-2 में नहीं बांटा जाता।
आप राष्ट्रीय रजिस्ट्री पर किसी भी क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन कैसे वेरिफाई कर सकते हैं?
National ART & Surrogacy Registry सबके लिए उपलब्ध है। कोई भी मरीज़ यह आसानी से चेक कर सकता है कि कोई क्लिनिक या ART Bank वर्तमान में रजिस्टर्ड है या नहीं। किसी भी क्लिनिक को वेरिफाई करने के लिए आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:
- रजिस्ट्री की वेबसाइट पर जाएं: अपने ब्राउज़र में registry.artsurrogacy.gov.in खोलें।
- क्लिनिक/बैंक सर्च का विकल्प चुनें: इस रजिस्ट्री में ART क्लिनिक और ART बैंकों को अलग-अलग खोजने की सुविधा है। अपनी ज़रूरत के हिसाब से सही विकल्प चुनें।
- राज्य और नाम, या रजिस्ट्रेशन नंबर से खोजें: आप आमतौर पर राज्य, जिले या क्लिनिक के नाम से सर्च कर सकते हैं। यदि आपके पास पहले से ही रजिस्ट्रेशन नंबर है (जैसे क्लिनिक की वेबसाइट या ब्रोशर से), तो उसे सीधे डालकर भी सर्च किया जा सकता है।
- नतीजों को ध्यान से देखें: एक रजिस्टर्ड क्लिनिक के रिकॉर्ड में उसका नाम, पता, रजिस्ट्रेशन नंबर, रजिस्ट्रेशन का लेवल और वर्तमान स्टेटस दिखाई देता है। अगर क्लिनिक का नाम रजिस्ट्री में नहीं है, या उसकी जानकारी क्लिनिक के दावों से मेल नहीं खाती, तो यह एक बात है जिसकी शिकायत State ART Authority से की जा सकती है।
- रजिस्ट्रेशन लेवल चेक करें: यह पक्का करें कि रजिस्ट्री में जो लेवल (Level-1 या Level-2) दिख रहा है, वह उन इलाज की सुविधाओं से मेल खाता हो जो क्लिनिक आपको दे रहा है। अगर क्लिनिक IVF का विकल्प दे रहा है, तो उसका Level-2 रजिस्ट्रेशन होना ज़रूरी है।
- डोनर की स्थिति में ART Bank को अलग से चेक करें: यदि आपको डोनर एग या डोनर स्पर्म की सलाह दी गई है, तो रजिस्ट्री के ART Bank वाले हिस्से में जाकर उस बैंक को सर्च करें जिसके साथ आपका क्लिनिक काम करने की बात कह रहा है।
रजिस्ट्री वेबसाइट के मेन्यू और ऑप्शन्स समय के साथ थोड़े बदल सकते हैं, लेकिन किसी भी क्लिनिक को सर्च करने और वेरिफाई करने का यह बुनियादी तरीका हमेशा एक जैसा ही रहेगा।
इस वेरिफिकेशन में बस कुछ मिनट लगते हैं और इसके लिए आपको कोई लॉग-इन (login) बनाने या अपनी निजी जानकारी देने की ज़रूरत नहीं पड़ती। यह एक बहुत ही सीधा और स्वतंत्र तरीका है, जिसे कोई भी मरीज़ क्लिनिक जाने से पहले या बाद में अपना सकता है।
मरीज़ों की सुरक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन क्यों मायने रखता है?
ART Act 2021 के तहत रजिस्ट्रेशन महज़ कोई औपचारिकता नहीं है — इसमें कई ऐसे सख्त नियम शामिल हैं जो सीधे तौर पर मरीज़ की सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़े हैं:
सहमति (Consent) का नियम: रजिस्टर्ड क्लीनिक्स को कानून के सहमति संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है। हर ART प्रक्रिया से पहले मरीज़ को पूरी जानकारी देकर उसकी लिखित सहमति लेना ज़रूरी है — जिसमें हर प्रक्रिया के लिए अलग सहमति पत्र, और डोनर मामलों में डोनर गैमीट्स के उपयोग की विशेष सहमति शामिल है।
रिकॉर्ड रखना और ट्रांसपेरेंसी (Traceability): रजिस्टर्ड क्लीनिक्स के लिए सभी प्रक्रियाओं, उपयोग किए गए गैमीट्स और इलाज के नतीजों का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। इससे एक ऑडिट ट्रेल तैयार होता है। किसी भी विवाद या शिकायत की स्थिति में, कानूनी आधार पर इन रिकॉर्ड्स की जांच की जा सकती है।
नियामक संस्था के प्रति जवाबदेही: रजिस्टर्ड क्लीनिक्स State ART Authority के निरीक्षण के अधीन होते हैं। अगर किसी रजिस्टर्ड क्लिनिक से जुड़ी कोई शिकायत है, तो उसे सीधे State Board के सामने रखा जा सकता है, जिसके लिए एक कानूनी प्रक्रिया बनी हुई है। बिना रजिस्ट्रेशन वाली संस्थाओं पर ऐसा कोई नियंत्रण नहीं होता।
लैब के मानक: एक Level-2 क्लिनिक का अपनी इन-हाउस एम्ब्रियोलॉजी लैब के लिए सभी तय इन्फ्रास्ट्रक्चर मानकों को पूरा करना ज़रूरी है। इसका मतलब सिर्फ अच्छी मशीनें होना नहीं है — बल्कि इसका मतलब यह भी है कि लैब में योग्य स्टाफ हमेशा मौजूद होना चाहिए, जो इस वैधानिक ढांचे के प्रति जवाबदेह हो।
शोषण वाली प्रथाओं पर रोक: यह कानून लिंग चयन (sex selection), सरोगेसी के व्यावसायीकरण, और ऐसी कई अन्य प्रथाओं पर स्पष्ट रोक लगाता है। ये सभी रोक रजिस्टर्ड क्लीनिक्स पर लागू होती हैं और रजिस्ट्रेशन व्यवस्था के जरिए ही सुनिश्चित की जाती हैं।
हालांकि, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि केवल रजिस्ट्रेशन होने से इलाज की सफलता की गारंटी मिल जाती है — ऐसा नहीं है, और कोई भी सच्चा क्लिनिक ऐसा दावा नहीं करेगा। लेकिन इसका मतलब यह ज़रूर है कि उस क्लिनिक ने कानूनी मानकों को पूरा किया है, उनकी जवाबदेही तय है, और उनका सार्वजनिक रिकॉर्ड मौजूद है। मरीज़ों के लिए किसी भी क्लिनिक पर भरोसा करने का यह एक ऐसा मजबूत आधार है, जो सिर्फ विज्ञापनों से कभी नहीं मिल सकता।
Aansh के रजिस्ट्रेशन में क्या-क्या शामिल है — पूरी पारदर्शिता के साथ
Aansh Hospital & IVF Center के पास Level-2 ART क्लिनिक रजिस्ट्रेशन (Reg. No. MH/AC/2024/15441/L2/Chandrapur/132) और ART Bank रजिस्ट्रेशन (Reg. No. MH/AB/2024/11445/Chandrapur/91) है। इन दोनों को NARTSR की वेबसाइट registry.artsurrogacy.gov.in पर आसानी से वेरिफाई किया जा सकता है। हमारा Level-2 रजिस्ट्रेशन सभी प्रमुख ART प्रक्रियाओं को कवर करता है — जिनमें IVF, ICSI, एम्ब्रियो कल्चर, क्रायोप्रिजर्वेशन, और एम्ब्रियो ट्रांसफर शामिल हैं। ये सभी प्रक्रियाएं चंद्रपुर स्थित हमारी इन-हाउस एम्ब्रियोलॉजी लैब में होती हैं, जहां क्लिनिकल टीम का नेतृत्व Dr. Shweta Agarwal, MBBS, DGO करती हैं और एम्ब्रियोलॉजी का नेतृत्व Aayush Agarwal, Ph.D. करते हैं।
हमारा ART Bank रजिस्ट्रेशन यह सुनिश्चित करता है कि डोनर-गैमीट से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी तरह से कानूनी ढांचे के भीतर, कानून द्वारा तय की गई सहमति और रिकॉर्ड-कीपिंग के नियमों का पालन करते हुए की जाएं।
हमारी पूरी सरकारी ART रजिस्ट्रेशन जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध है, ताकि मरीज़ क्लिनिक आने से पहले या बाद में इन्हें आराम से चेक कर सकें।
इलाज शुरू करने से पहले आपको किसी भी क्लिनिक से कौन से सवाल पूछने चाहिए?
मरीज़ों के सशक्तिकरण का मतलब है कि उन्हें यह पता होना चाहिए कि कौन से सवाल पूछने हैं — चाहे वह कोई भी क्लिनिक हो, हम भी। ये सवाल सीधे तौर पर ART Act 2021 के नियमों पर आधारित हैं:
रजिस्ट्रेशन के बारे में:
- क्या यह क्लिनिक ART (Regulation) Act, 2021 के तहत रजिस्टर्ड है? इसका रजिस्ट्रेशन नंबर क्या है?
- यह रजिस्ट्रेशन Level-1 है या Level-2? (अगर वे IVF कर रहे हैं, तो यह Level-2 ही होना चाहिए।)
- क्या मैं इसे खुद राष्ट्रीय रजिस्ट्री पर वेरिफाई कर सकता/सकती हूं?
एम्ब्रियोलॉजी लैब के बारे में:
- क्या एम्ब्रियोलॉजी लैब क्लिनिक के अंदर (in-house) ही मौजूद है, या अंडे और भ्रूण किसी बाहरी (third-party) लैब में भेजे जाते हैं?
- यहां के योग्य एम्ब्रियोलॉजिस्ट कौन हैं, और उनकी योग्यता क्या है?
डोनर प्रक्रियाओं के बारे में (यदि लागू हो):
- क्या क्लिनिक के पास अपना खुद का ART Bank रजिस्ट्रेशन है, या वे किसी अलग से रजिस्टर्ड ART Bank के साथ काम करते हैं?
- उस ART Bank का रजिस्ट्रेशन नंबर क्या है?
सहमति और रिकॉर्ड्स के बारे में:
- क्या मुझे अपनी सहमति देने से पहले हर प्रक्रिया की लिखित जानकारी दी जाएगी?
- मेरे इलाज का रिकॉर्ड कब तक सुरक्षित रखा जाएगा, और मैं उसे कैसे प्राप्त कर सकता/सकती हूं?
ये बहुत ही सीधे सवाल हैं, जिनका जवाब कोई भी रजिस्टर्ड क्लिनिक आपको बिना किसी हिचकिचाहट के दे सकता है। हमारी वेबसाइट पर मौजूद IVF सेंटर कैसे चुनें (choosing an IVF center guide) में ऐसे और भी कई सवालों की जानकारी दी गई है। हमारी आने वाली एक और पोस्ट — IVF क्लिनिक चुनने से पहले पूछने लायक सवाल — में इस पूरी चेकलिस्ट को और गहराई से समझाया जाएगा।