डॉ. श्वेता अग्रवाल, MBBS, DGO द्वारा मेडिकल रिव्यु: डॉ. श्वेता अग्रवाल, MBBS, DGO अंतिम अपडेट: जुलाई 2026
इस पेज की जानकारी शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और यह किसी मेडिकल परामर्श का विकल्प नहीं है। परिणाम हर मरीज़ की व्यक्तिगत क्लीनिकल स्थिति पर निर्भर करते हैं।
अंश हॉस्पिटल एंड IVF सेंटर एक सरकार द्वारा पंजीकृत Level-2 ART क्लीनिक (रजिस्ट्रेशन नंबर MH/AC/2024/15441/L2/Chandrapur/132) है, जो विदर्भ (Vidarbha) और उत्तरी तेलंगाना (Telangana) में तेज़ी से बढ़ रहे फर्टिलिटी सेंटर्स के एक नेटवर्क का हिस्सा है — किसी चेन के विपरीत, जहां हर सेंटर के डॉक्टर स्वतंत्र रूप से निर्णय लेते हैं, हर साइकिल का अंतिम उपचार-निर्णय हर लोकेशन पर Dr. Shweta Agarwal का ही होता है। हमारा हेडक्वार्टर और इन-हाउस एम्ब्रियोलॉजी लैब चंद्रपुर (Chandrapur) में स्थित है। हमारे सरकारी ART रजिस्ट्रेशन के अंतर्गत IVF, ICSI, और embryo transfer की सुविधा शामिल है — यह सभी प्रक्रियाएं चंद्रपुर में ही डॉ. श्वेता अग्रवाल के क्लीनिकल नेतृत्व और आयुष अग्रवाल, Ph.D. के एम्ब्रियोलॉजी नेतृत्व में की जाती हैं।
यह वह सवाल है जो आमतौर पर चुपके से पूछा जाता है, ज़्यादातर किसी माता-पिता या सास द्वारा, और अक्सर तब जब कपल पहले ही इलाज के लिए आगे बढ़ने का फैसला कर चुका होता है। Test tube baby theek rahega na? Bachche ko koi problem to nahi hogi?
यह सवाल सिर्फ झूठी तसल्ली का नहीं, बल्कि एक सच्चे जवाब का हक़दार है। नीचे बताया गया है कि पब्लिश्ड मेडिकल एविडेंस असल में क्या दिखाते हैं — जिसमें वो बातें भी शामिल हैं जो पूरी तरह से तसल्ली देने वाली नहीं हैं। हर दावे के साथ एक प्रमाणित स्रोत (source) का नाम दिया गया है, और पेज के अंत में हर स्रोत का लिंक दिया गया है ताकि आप खुद उसकी जांच कर सकें।
उन चार सवालों के संक्षिप्त जवाब जो लोग अक्सर पूछते हैं
क्या टेस्ट ट्यूब बेबी सुरक्षित है? (is a test tube baby safe) बच्चे के लिए, लॉन्ग-टर्म सबूत काफी हद तक तसल्ली देने वाले हैं; प्रेगनेंसी के लिए, कुछ कॉम्प्लीकेशन्स में थोड़ी वृद्धि मापी गई है, जो ज़्यादातर जुड़वां (twin) प्रेगनेंसी से जुड़ी होती हैं।
टेस्ट ट्यूब बेबी अच्छा है या बुरा? (test tube baby is good or bad) न तो अच्छा और न ही बुरा — यह कुछ विशिष्ट डायग्नोसिस (diagnoses) के लिए वास्तविक फायदों वाला एक इलाज है। इसके साथ कुछ वास्तविक जोखिम और खर्चे भी जुड़े हैं, जिन्हें नीचे स्पष्ट रूप से बताया गया है।
क्या कभी कोई टेस्ट ट्यूब बेबी ज़िंदा रहा है? (has a test tube baby ever lived) हाँ। 25 July 1978 को जन्मी लुईस ब्राउन (Louise Brown) जीवित हैं, चालीस के दशक में हैं, और उनके खुद के दो बच्चे हैं, जो दोनों प्राकृतिक रूप से कंसीव (conceive) हुए हैं।
क्या IVF से हुए बच्चे माता-पिता बन सकते हैं? (can ivf babies have kids) IVF से कंसीव हुए पहली पीढ़ी के लोग बड़े होकर प्राकृतिक रूप से माता-पिता बन चुके हैं। IVF से हुए बच्चों की बड़े होने पर फर्टिलिटी को लेकर बड़े स्तर (population-level) का डेटा अभी भी सीमित है, और एक क्षेत्र — ICSI से जन्मे पुरुष — में एक विशिष्ट सावधानी (caveat) है, जिसे नीचे कवर किया गया है।
टेस्ट ट्यूब बेबी होने का क्या मतलब है? (what does being a test tube baby mean)
एक "test tube baby" वह बच्चा होता है जो इन विट्रो फर्टिलाइज़ेशन (IVF) द्वारा कंसीव होता है। In vitro का लैटिन में अर्थ है "कांच में (in glass)" — यह उस लैबोरेटरी डिश का संदर्भ है जहाँ एग (egg) और स्पर्म (sperm) को एक साथ रखा जाता है। इस शब्द की उत्पत्ति बस यहीं से हुई है।
कोई भी बच्चा कभी टेस्ट ट्यूब में बड़ा नहीं हुआ है। फर्टिलाइज़ेशन एक इनक्यूबेटर के अंदर रखी फ्लैट कल्चर डिश में होता है। यह इनक्यूबेटर शुरुआती एम्ब्रियो (embryo) के विकास के अनुकूल एक नियंत्रित तापमान, नमी और गैस का वातावरण बनाए रखता है। इसके परिणामस्वरूप बना embryo वहां कुछ दिन बिताता है, और फिर उसे माँ के गर्भाशय (uterus) में डाल दिया जाता है। अगर इम्प्लांटेशन (implantation) सफल होता है, तो उसके बाद की हर प्रक्रिया — प्लेसेंटा, प्रेगनेंसी के महीने, और डिलीवरी — बिल्कुल किसी भी अन्य प्राकृतिक प्रेगनेंसी की तरह ही होती है।
इसलिए "test tube baby" केवल यह बताता है कि फर्टिलाइज़ेशन शुरुआती कुछ दिनों के लिए कहाँ हुआ था। यह बच्चे की विशेषता नहीं बताता, और न ही यह इंसानों की कोई अलग श्रेणी (category) है।
क्या टेस्ट ट्यूब बेबी और IVF एक ही बात है? (is test tube baby the same as ivf)
हाँ। ये दोनों बिल्कुल एक ही चीज़ हैं। "Test tube baby" 1978 में अख़बारों द्वारा गढ़ा गया शब्द है; जबकि "IVF" एक मेडिकल टर्म है। "Test tube baby" नाम की कोई ऐसी प्रक्रिया नहीं है जो IVF से अलग, सस्ती, या ज़्यादा एडवांस हो — अगर कोई क्लीनिक इन दोनों को अलग-अलग इलाज बताकर अलग-अलग पैसे मांगता है, तो उनसे पूछें कि इसका असल में क्या मतलब है।
एक वास्तविक अंतर जो आपको पता होना चाहिए वह है ICSI (Intracytoplasmic Sperm Injection)। इसमें एग और स्पर्म को खुद से फर्टिलाइज़ होने के लिए छोड़ने के बजाय, एक अकेले स्पर्म को सीधे एग के अंदर इंजेक्ट किया जाता है। ICSI मुख्य रूप से मेल-फैक्टर इनफर्टिलिटी (पुरुष बांझपन) और कुछ अन्य विशेष स्थितियों में इस्तेमाल होने वाली तकनीक है। यह भी IVF ही है — और इस लेख में आगे इसका महत्व है, क्योंकि रिसर्च में कुछ छोटे जोखिमों (risks) के संकेत विशेष रूप से ICSI के लिए रिपोर्ट किए गए हैं, न कि साधारण IVF के लिए।
टेस्ट ट्यूब बेबी का जन्म कैसे होता है? (how is a test tube baby born) (test tube baby kaise hota hai)
बिल्कुल वैसे ही जैसे कोई भी अन्य बच्चा पैदा होता है — लेबर (नॉर्मल डिलीवरी) या सिजेरियन (caesarean) के ज़रिए, जिसका फैसला डिलीवरी के समय की मेडिकल स्थिति के आधार पर किसी हॉस्पिटल के डिलीवरी रूम में किया जाता है।
IVF की प्रक्रिया कई महीने पहले होती है और यह कुछ इस तरह दिखती है:
- ओवेरियन स्टिमुलेशन (Ovarian stimulation) — रोज़ाना इंजेक्शन, आमतौर पर लगभग 10-12 दिनों के लिए, ताकि एक के बजाय कई एग्स (eggs) मैच्योर हो सकें।
- एग रिट्रीवल (Egg retrieval) — यह बेहोशी (sedation या anaesthesia) में किया जाने वाला एक छोटा, अल्ट्रासाउंड-गाइडेड डे-केयर प्रोसीज़र है।
- लैब में फर्टिलाइज़ेशन — कल्चर डिश में स्पर्म और एग को एक साथ रखा जाता है, या ज़रूरत होने पर ICSI किया जाता है।
- एम्ब्रियो कल्चर (Embryo culture) — आमतौर पर इनक्यूबेटर में 3 से 5 दिन (कभी-कभी 6 दिन) तक रखा जाता है, जिसकी निगरानी एम्ब्रियोलॉजिस्ट करते हैं।
- Embryo transfer — एक पतले कैथेटर (catheter) के ज़रिए एम्ब्रियो को गर्भाशय (uterus) में डाला जाता है। इसमें आमतौर पर किसी बेहोशी या चीरे की ज़रूरत नहीं होती; कुछ मरीज़ों को हल्का दर्द-निवारक (analgesia) या सिडेशन (sedation) दिया जा सकता है। यह ट्रांसफर उसी साइकिल में (फ्रेश) किया जा सकता है या फ्रीज़ करने के बाद, बाद की किसी frozen embryo transfer साइकिल में किया जा सकता है।
- इम्प्लांटेशन (Implantation), यदि सफल हो — यहाँ से यह किसी भी अन्य प्रेगनेंसी की तरह ही होती है, जिसमें सामान्य antenatal care (गर्भावस्था की देखभाल) और एक सामान्य डिलीवरी होती है। हर ट्रांसफर से प्रेगनेंसी नहीं होती; पढ़ें क्या IVF 100% सफल होता है।
पूरी प्रक्रिया को हमारे first IVF cycle week-by-week timeline गाइड में विस्तार से समझाया गया है।
क्या कोई टेस्ट ट्यूब बेबी कभी ज़िंदा रहा है? (has a test tube baby ever lived)
हाँ — और दुनिया की सबसे पहली टेस्ट ट्यूब बेबी आज चालीस के दशक में एक महिला हैं, जिनके अपने खुद के दो बच्चे हैं।
Louise Joy Brown का जन्म 25 July 1978 को इंग्लैंड के Oldham General Hospital में हुआ था। यह सफलता Patrick Steptoe, Robert Edwards और Jean Purdy के प्रयासों का नतीजा थी। IVF के विकास के लिए Robert Edwards को 2010 में फिजियोलॉजी या मेडिसिन के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) से सम्मानित किया गया था।
Louise Brown बड़ी हुईं, उनकी शादी हुई, और उनके दो बेटे हुए — पहले का जन्म 20 December 2006 को हुआ, और दूसरे का 2013 में। दोनों बच्चे बिना किसी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के प्राकृतिक रूप से कंसीव हुए थे।
उनकी छोटी बहन Natalie Brown का जन्म 1982 में हुआ था, जो IVF से ही कंसीव हुई थीं, और उन्हें दुनिया के 40वें IVF जन्म के रूप में दर्ज किया गया। May 1999 में, वे IVF से कंसीव होने वाली पहली ऐसी इंसान बनीं जिन्होंने खुद एक बच्चे को जन्म दिया — और यह भी बिना IVF के, प्राकृतिक रूप से कंसीव हुआ था।
1978 से लेकर अब तक, दुनिया भर में IVF के ज़रिए कई मिलियन (लाखों-करोड़ों) बच्चों का जन्म हो चुका है। "has a test tube baby ever lived" वाला सवाल 1978 के ज़माने का है। आज IVF से कंसीव हुए लोगों की पहली पीढ़ी अपनी उम्र के चालीसवें पड़ाव पर है, और उनमें से कई लोग खुद माता-पिता बन चुके हैं।
क्या IVF से हुए बच्चे माता-पिता बन सकते हैं? (can ivf babies have kids)
हमारे पास जो सीधे सबूत हैं, वे कहते हैं कि हाँ, वे बन सकते हैं। हालांकि, इसके साथ एक ईमानदार चेतावनी (caveat) और एक सीमा (limitation) जुड़ी हुई है।
सबूत (The evidence)। Louise Brown और उनकी बहन Natalie Brown, दोनों IVF से कंसीव हुई थीं, और दोनों ने प्राकृतिक रूप से कंसीव किया। ऐसा कोई ज्ञात जैविक कारण (biological mechanism) नहीं है जिससे IVF की प्रक्रिया खुद बच्चे की भविष्य की फर्टिलिटी (प्रजनन क्षमता) को नुकसान पहुंचाए।
सीमा (The limitation)। केवल दो अच्छी तरह से दर्ज किए गए मामले बड़े स्तर (population-level) का सबूत नहीं होते। IVF से कंसीव हुए लोगों की वयस्क फर्टिलिटी से जुड़ा व्यवस्थित डेटा अभी भी सीमित है, क्योंकि इसकी सबसे पुरानी पीढ़ी अभी अपने प्रजनन के वर्षों (reproductive years) से गुज़र रही है। अगर कोई आपसे कहता है कि यह सवाल पूरी तरह से सुलझ चुका है, तो वह उपलब्ध सबूतों से आगे बढ़कर बात कर रहा है।
चेतावनी (The caveat)। मेल-फैक्टर इनफर्टिलिटी के लिए ICSI से कंसीव हुए युवा वयस्क पुरुषों की एक फॉलो-अप स्टडी (Belva et al., Human Reproduction, 2016) में यह पाया गया कि प्राकृतिक रूप से कंसीव हुए उनके साथियों की तुलना में उनका औसत स्पर्म कंसंट्रेशन और कुल स्पर्म काउंट कम था। इसकी सबसे संभावित वजह इंजेक्शन की तकनीक का प्रभाव नहीं, बल्कि पिता की मूल सबफर्टिलिटी (subfertility) का बच्चे में आना है — लेकिन यह एक वास्तविक तथ्य है और यदि आपको गंभीर मेल-फैक्टर की वजह से ICSI की सलाह दी जा रही है, तो आपको इसके बारे में पता होना चाहिए।
इसी से जुड़ी एक और बात: जहाँ इनफर्टिलिटी का कारण खुद आनुवंशिक (heritable) होता है — उदाहरण के लिए Y-chromosome microdeletion — तो वह विशिष्ट कारण उस स्पर्म से कंसीव हुए बेटे में भी चला जाएगा, क्योंकि वह वही Y क्रोमोसोम प्राप्त करता है। यही कारण है कि गंभीर मेल-फैक्टर के चुनिंदा मामलों में ICSI से पहले कैरियोटाइपिंग (karyotyping) और अलग से Y-chromosome microdeletion टेस्टिंग के साथ-साथ जेनेटिक काउंसलिंग की सलाह दी जाती है।
लेकिन ज़्यादातर कपल्स — जिनकी समस्या ब्लॉक फैलोपियन ट्यूब, PCOS, endometriosis, बढ़ती उम्र के कारण अंडों की कमी, या unexplained infertility (अज्ञात कारण वाला बांझपन) है — उन पर यह बात लागू नहीं होती।
क्या IVF बच्चे स्वस्थ होते हैं? (are ivf babies healthy) रजिस्ट्री स्टडीज़ असल में क्या कहती हैं
यहीं पर प्रमाण (sourcing) मायने रखते हैं, क्योंकि ज़्यादातर क्लीनिक की वेबसाइटें इस सवाल का जवाब सिर्फ झूठी तसल्ली और बिना किसी संदर्भ (citations) के देती हैं। यहाँ वास्तविक मेडिकल साहित्य (literature) प्रस्तुत है, जिसमें उसकी सीमाओं (limitations) को भी साफ-साफ बताया गया है।
| Study (स्टडी) | What it looked at (क्या जांचा गया) | What it found (क्या पाया गया) |
|---|---|---|
| Hart & Wijs, Frontiers in Reproductive Health, 2022 — बचपन से किशोरावस्था तक लॉन्ग-टर्म IVF परिणामों का नैरेटिव रिव्यू | विकास (Growth), कार्डियोमेटाबोलिक मार्कर्स, न्यूरोडेवलपमेंट, एपिजेनेटिक्स (epigenetics) | लॉन्ग-टर्म स्वास्थ्य के सबूत "तसल्ली देने वाले (appears reassuring)" लगते हैं। कुछ समूहों में ब्लड प्रेशर में एक छोटी लेकिन सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण वृद्धि; दुर्लभ इम्प्रिंटिंग विकारों (imprinting disorders) की अधिक रिपोर्ट की गई दर; एपिजेनेटिक अंतर ज़्यादातर वयस्क होने तक सुलझ गए। लेखकों ने पूरे क्षेत्र में छोटे सैंपल साइज़ (small sample sizes) और कम समय के फॉलो-अप पर ज़ोर दिया। |
| Halliday et al., Fertility and Sterility, 2019 (Victoria, Australia) | 193 ART-कंसीव्ड वयस्क जिनकी उम्र 22–35 वर्ष थी, बनाम 86 नॉन-ART कंट्रोल्स: धमनियां (arteries), ब्लड प्रेशर, ग्लूकोज़, लिपिड, फेफड़ों की कार्यक्षमता (lung function) | वैस्कुलर या कार्डियोमेटाबोलिक जोखिम, विकास या सांस की समस्याओं, या कम भलाई (reduced wellbeing) के बढ़ने का कोई सबूत नहीं मिला। यह एक छोटा समूह (cohort) था जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा नहीं लिया; समान मापी गई फेफड़ों की कार्यक्षमता के बावजूद अस्थमा (asthma) का इतिहास ज़्यादा दर्ज किया गया; लेखकों ने इस अध्ययन को दोहराए जाने (replication) की मांग की। |
| Davies et al., New England Journal of Medicine, 2012 (पूरी-आबादी वाली South Australian रजिस्ट्री) | असिस्टेड कंसेप्शन (assisted conception) के बाद जन्मजात दोष (Birth defects) | असिस्टेड-कंसेप्शन से हुए जन्मों में 8.3% जन्मजात दोष बनाम प्राकृतिक रूप से हुए जन्मों में 5.8%। IVF और ICSI को मिलाकर, अनएडजस्टेड ऑड रेश्यो (unadjusted odds ratio) 1.43 (95% CI 1.26–1.62)। मल्टीवेरिएट एडजस्टमेंट के बाद, IVF 1.07 (0.90–1.26) — सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण नहीं (not statistically significant); ICSI 1.57 (1.30–1.90) — अभी भी महत्वपूर्ण (still significant)। |
| Spaan et al., Human Reproduction Open, 2023 (Netherlands; 89,249 बच्चे, 51,417 ART-कंसीव्ड, औसतन (median) 18 साल का फॉलो-अप) | ART से कंसीव हुए बच्चों, किशोरों और युवा वयस्कों में कैंसर | प्राकृतिक रूप से कंसीव हुए सबफर्टाइल (subfertile) माता-पिता के बच्चों की तुलना में कुल कैंसर जोखिम (overall cancer risk) में कोई वृद्धि नहीं: एडजस्टेड हेज़र्ड रेशियो (adjusted hazard ratio) 1.06 (95% CI 0.84–1.33)। |
इन सभी बातों में दो मुख्य निष्कर्ष निकल कर आते हैं, और यही इस सवाल का सबसे ईमानदार जवाब हैं।
पहला, तुलना किससे की जा रही है, इससे जवाब बदल जाता है। जब IVF बच्चों की तुलना आम आबादी (general population) से की जाती है, तो छोटे अंतर दिखाई देते हैं। लेकिन जब उनकी तुलना उन बच्चों से की जाती है जिन्हें ऐसे कपल्स ने प्राकृतिक रूप से कंसीव किया है जिन्हें कंसीव करने में मुश्किलें आईं थीं, तो ज़्यादातर अंतर कम हो जाते हैं। Hart और Wijs ने सीधे तौर पर यह बात रखी: सबफर्टिलिटी (subfertility) अपने आप में कई प्रेगनेंसी संबंधी कॉम्प्लीकेशन्स (obstetric complications) के बढ़ते जोखिम से जुड़ी है, चाहे ART का इस्तेमाल किया गया हो या नहीं। उनके अपने डेटा में, बिना ART के सबफर्टाइल माता-पिता से जन्मे किशोरों में सामान्य तुलना समूह (6.9%) की तुलना में डिप्रेशन (13.7%) की दर अधिक थी — यह एक ऐसा अंतर है जिसका लैबोरेटरी से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, यह यह साबित नहीं कर सकता कि तकनीक (IVF) का इसमें कोई योगदान नहीं है; ऑब्ज़र्वेशनल डेटा केवल कारण का वज़न (weight of explanation) शिफ्ट कर सकता है, किसी फैक्टर को पूरी तरह से ख़त्म नहीं कर सकता।
दूसरा, लोग IVF से जिस जोखिम को जोड़ते हैं, उसका एक बड़ा हिस्सा जुड़वां (twin) प्रेगनेंसी की वजह से होता है। समय से पहले जन्म (preterm birth), कम जन्म वज़न (low birth weight) और नवजात शिशु गहन चिकित्सा (neonatal intensive care) की ज़रूरत सिंगलटन (singleton) प्रेगनेंसी की तुलना में जुड़वां प्रेगनेंसी में बहुत अधिक होती है, चाहे वे प्राकृतिक रूप से कंसीव हुए हों या IVF से। ऐतिहासिक रूप से IVF से कई जुड़वां बच्चे पैदा हुए क्योंकि एक ही समय में दो या तीन एम्ब्रियो ट्रांसफर किए जाते थे। यह एक क्लीनिकल चुनाव (clinical choice) है, न कि IVF की कोई अंतर्निहित विशेषता — और इसे कम करना आपके बच्चे के जोखिम को कम करने के लिए किसी क्लीनिक द्वारा उठाया जा सकने वाला सबसे सीधा कदम है। हम इसके पीछे के कारण को single vs double embryo transfer में विस्तार से समझाते हैं।
बच्चे पर IVF के दुष्प्रभाव (ivf side effects on baby): असल में क्या साबित हुआ है
सीधे शब्दों में, बिना किसी लाग-लपेट के:
- समय से पहले जन्म (Preterm birth) और जन्म के समय कम वज़न (low birth weight) प्राकृतिक गर्भधारण की तुलना में IVF के बाद अधिक आम हैं। इसका सबसे बड़ा कारण जुड़वां प्रेगनेंसी है और इसके बाद माता-पिता की सबफर्टिलिटी (subfertility); तकनीक खुद इसमें कितना जोखिम बढ़ाती है यह अनिश्चित है, और वर्तमान सबूतों के आधार पर यह बहुत कम लगता है।
- जन्मजात दोष (Birth defects) असिस्टेड कंसेप्शन के बाद कुल मिलाकर थोड़े अधिक आम हैं (8.3% बनाम 5.8% Davies et al., 2012 के अनुसार)। माता-पिता और प्रेगनेंसी से जुड़े कारकों को एडजस्ट करने के बाद, यह अतिरिक्त जोखिम ICSI के लिए तो बना रहा, लेकिन साधारण IVF के लिए नहीं।
- इम्प्रिंटिंग विकार (Imprinting disorders) जैसे कि Beckwith-Wiedemann syndrome, ART के बाद उच्च दर पर रिपोर्ट किए गए हैं। इसके सबूत मुख्य रूप से रजिस्ट्री और केस-कंट्रोल स्टडीज़ से आते हैं जिनमें प्रभावित बच्चों की संख्या बहुत कम होती है; ये बीमारियाँ आम आबादी में दुर्लभ (rare) हैं और ART के बाद भी दुर्लभ ही रहती हैं, इसलिए किसी भी एक प्रेगनेंसी के लिए इसका पूर्ण जोखिम (absolute risk) बहुत कम रहता है। इस संबंध का सटीक आकार अभी तक स्थापित नहीं हुआ है।
- ब्लड प्रेशर (Blood pressure) ART से जन्मे बच्चों के कुछ समूहों में बहुत थोड़ा अधिक पाया गया है और अन्य समूहों में कोई अंतर नहीं मिला; ऑस्ट्रेलियन वयस्क समूह में 22–35 वर्ष की आयु में कोई कार्डियोमेटाबोलिक अंतर नहीं पाया गया।
- लॉन्ग-टर्म विकास, दिखावट (appearance) और स्कूल में प्रदर्शन (school performance) में अब तक प्रकाशित अध्ययनों में कोई स्थापित अंतर नहीं दिखा है। हालांकि, यह इस बात का सबूत नहीं है कि कोई अंतर है ही नहीं — IVF की सबसे पुरानी पीढ़ी अभी अपने चालीसवें दशक में है, इसलिए सच में लॉन्ग-टर्म परिणाम (जैसे देर से वयस्क होने पर होने वाली बीमारियां, या जीवनकाल) अभी तक किसी के द्वारा मापे नहीं जा सके हैं।
जिस बात का सबूत समर्थन नहीं करता, इसके बावजूद कि इसे अक्सर दोहराया जाता है: कि IVF बच्चे शारीरिक रूप से कमज़ोर होते हैं, कि वे कम बुद्धिमान होते हैं, कि वे आगे चलकर बच्चे पैदा नहीं कर सकते, या कि उन्हें लड़का (लड़का होने के लिए लिंग चुनाव) बनाया जा सकता है।
क्या IVF से कैंसर होता है? (ivf side effects cancer)
यहाँ दो अलग-अलग सवाल आपस में मिल जाते हैं — बच्चे में कैंसर, और माँ में कैंसर। इन दोनों के एविडेंस बेस (सबूतों के आधार) बिल्कुल अलग-अलग हैं।
बच्चे में कैंसर (Cancer in the child)। हाल ही के सबसे बड़े विश्लेषण (analysis), Spaan et al. (Human Reproduction Open, 2023) ने 89,249 डच बच्चों — जिनमें से 51,417 ART से कंसीव हुए थे — का औसतन 18 साल तक फॉलो-अप किया और पाया कि कुल कैंसर जोखिम (overall cancer risk) में कोई वृद्धि नहीं हुई (adjusted HR 1.06, 95% CI 0.84–1.33)। एक सबग्रुप विश्लेषण (subgroup analysis) ने ICSI-कंसीव्ड बच्चों के लिए थोड़ा उच्च अनुमान (HR 1.58, 95% CI 1.08–2.31) दिखाया, जिसका मुख्य कारण मेलेनोमा (melanoma) था; लेखकों का कहना है कि "केसों की संख्या बहुत कम होने के कारण इसकी व्याख्या सावधानी से की जानी चाहिए"। एक डेनिश रजिस्ट्री अध्ययन (Hargreave et al., 2019) ने फ्रोज़न एम्ब्रियो ट्रांसफर के बाद पैदा हुए बच्चों में कैंसर की उच्च दर की सूचना दी, यह भी बहुत कम केस नंबरों पर आधारित था, और इसे लगातार सिद्ध (reproduced) नहीं किया जा सका है। इन सब को मिलाकर देखें, तो कुल मिलाकर बचपन के कैंसर के लिए तस्वीर तसल्ली देने वाली है, हालांकि कुछ विशिष्ट तकनीकों और ऐसे कैंसर जो वयस्क जीवन में देर से दिखाई देते हैं, उनके लिए वास्तविक अनिश्चितता बनी हुई है।
माँ में कैंसर (Cancer in the mother)। American Society for Reproductive Medicine के दिशा-निर्देश Fertility drugs and cancer (2024) ने इसकी व्यवस्थित रूप से समीक्षा की। इसके सारांश बयान (summary statements), जिन्हें अपने शब्दों में बदलने के बजाय जस का तस उद्धृत (quoted) किया गया है:
- ओवेरियन कैंसर (Ovarian cancer): "इस बात के कमज़ोर/मध्यम सबूत (weak/moderate evidence) हैं कि फर्टिलिटी उपचार ओवेरियन कैंसर से जुड़ा है… कुल जोखिम के कम होने की संभावना है (approximately 3 more cases per 100,000 person-years)।" बॉर्डरलाइन ओवेरियन ट्यूमर के साथ एक कमज़ोर संबंध की भी रिपोर्ट की गई है, इस कमज़ोर एविडेंस के साथ कि इसका कुछ हिस्सा मूल इनफर्टिलिटी (बांझपन) या नल्लीपैरिटी (nulliparity - कभी बच्चा न होना) को दर्शाता है।
- एंडोमेट्रियल कैंसर (Endometrial cancer): "मूल इनफर्टिलिटी गर्भाशय (uterine) कैंसर के जोखिम को बढ़ाती है। जब सबफर्टिलिटी वाली महिलाओं को कंट्रोल (controls) के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, तो फर्टिलिटी दवाओं का उपयोग एंडोमेट्रियल कैंसर के बढ़ते जोखिम से नहीं जुड़ा होता है।" लंबे समय तक हाई-डोज़ क्लोमिफीन (clomiphene) का उपयोग एक अलग, कम-गुणवत्ता (low-quality) वाला एविडेंस सिग्नल है।
- ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer): उच्च गुणवत्ता वाली पाँच में से चार स्टडीज़ में ART के साथ कोई संबंध नहीं दिखा; एक मेटा-एनालिसिस (meta-analysis) में लंबे समय तक क्लोमिफीन (clomiphene) के उपयोग (10 से अधिक साइकिल) से जुड़े कैंसर में वृद्धि की रिपोर्ट की गई।
- थायराइड कैंसर (Thyroid cancer): सबूत मिले-जुले हैं, कुछ अध्ययनों में क्लोमिफीन (clomiphene) के साथ जोखिम में वृद्धि दिखाई गई है।
- कोलन (Colon) और सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer): जोखिम में कोई वृद्धि नहीं। मेलेनोमा (Melanoma) और नॉन-हॉजकिन लिंफोमा (non-Hodgkin lymphoma): अपर्याप्त डेटा।
JAMA Network Open में 2026 की एक स्टडी (Walker, Vajdic और सहकर्मी, UNSW Sydney) ने 1991 और 2018 के बीच चिकित्सकीय रूप से असिस्टेड रिप्रोडक्शन (medically assisted reproduction) कराने वाली 417,984 ऑस्ट्रेलियाई महिलाओं को फॉलो किया। ART कराने वाली महिलाओं में कुल आक्रामक कैंसर की घटना (invasive cancer incidence) अपेक्षित दरों के बराबर थी; क्लोमिफीन (clomiphene) का इलाज लेने वाले समूह में कुल संख्या में थोड़ी वृद्धि देखी गई। व्यक्तिगत कैंसर दोनों दिशाओं (घटने और बढ़ने) में देखे गए, और यह पूरी वृद्धि (absolute excess) बहुत छोटी थी — जो लगभग कुछ अतिरिक्त मामलों (a few extra cases per 100,000 person-years) के बराबर थी। यह स्टडी वर्णनात्मक (descriptive) थी: यह यह स्थापित नहीं कर सकी कि ये संकेत (signals) दवाओं की वजह से थे या उस इनफर्टिलिटी की वजह से जिसके कारण दवाएं दी गई थीं।
ईमानदारी से कहें तो असली स्थिति यही है: कुल मिलाकर (overall) कैंसर में कोई वृद्धि नहीं है, कुछ छोटे और असंगत संकेत (inconsistent signals) हैं, और बार-बार यह निष्कर्ष सामने आता है कि इनफर्टिलिटी (बांझपन) खुद उस जोखिम का एक बड़ा हिस्सा पैदा करती है जिसे आमतौर पर इलाज (IVF) से जोड़ दिया जाता है। संबंध (Association) किसी भी दिशा में कारण (causation) नहीं होता।
टेस्ट ट्यूब बेबी अच्छा है या बुरा? (test tube baby is good or bad) एक निष्पक्ष सारांश
"अच्छा या बुरा" वास्तव में कोई मेडिकल सवाल नहीं है, इसलिए यहाँ इसका एक निष्पक्ष विवरण दिया गया है।
| IVF क्या प्रदान करता है (What IVF offers) | ब्लॉक ट्यूब, गंभीर मेल-फैक्टर इनफर्टिलिटी, लो ओवेरियन रिज़र्व (low ovarian reserve), एंडोमेट्रियोसिस (endometriosis), या लंबे समय से चल रही अनएक्सप्लेंड इनफर्टिलिटी (unexplained infertility) वाले कपल्स के लिए खुद के बायोलॉजिकल बच्चे का एक रास्ता |
| इसमें आपकी क्या लागत लगती है (What it costs you) | प्रति साइकिल 2–3 हफ़्ते के इंजेक्शन और मॉनिटरिंग, सिडेशन (बेहोशी) में एक डे-केयर प्रोसीज़र, वास्तविक वित्तीय लागत (financial cost), वास्तविक भावनात्मक तनाव (emotional strain), और किसी भी एक साइकिल में सफलता की कोई गारंटी नहीं |
| जोखिम जो असली हैं (Risks that are real) | OHSS और अन्य शॉर्ट-टर्म मातृ जोखिम (maternal risks); समय से पहले जन्म और कम जन्म वज़न की उच्च दरें, जो ज़्यादातर जुड़वां (twin) प्रेगनेंसी में देखी जाती हैं; जन्मजात दोषों की थोड़ी सी अधिकता, जो एडजस्टमेंट के बाद मुख्य रूप से ICSI के साथ देखी जाती है |
| जोखिम जो स्थापित नहीं हैं (Risks that are not established) | बचपन के कुल कैंसर (childhood cancer) में वृद्धि; कम बुद्धि या कम विकास; IVF से हुए लोगों की बच्चे पैदा करने में असमर्थता |
| IVF क्या नहीं करता (What IVF does not do) | यह कोई अलग तरह का बच्चा पैदा नहीं करता |
साथ ही, IVF हमेशा एकमात्र विकल्प नहीं होता। आपके डायग्नोसिस के आधार पर, IUI, endometriosis या ब्लॉक ट्यूब के लिए सर्जरी, ओवुलेशन इंडक्शन (ovulation induction), या महज़ कुछ और समय देना भी उचित विकल्प हो सकते हैं — और इसी के लिए एक सही असेसमेंट (चेकअप) किया जाता है। हमारा मुफ़्त दूसरी राय (free second opinion) इसी बातचीत के लिए मौजूद है।
भारत का अपना रिकॉर्ड: 1978 से आज तक
IVF के साथ भारत का इतिहास लगभग उतना ही पुराना है जितना दुनिया का। कनुप्रिया अग्रवाल (Kanupriya Agarwal), जिन्हें 'दुर्गा' के नाम से जाना जाता है, का जन्म 3 October 1978 को कोलकाता में हुआ था — Louise Brown के जन्म के लगभग दस सप्ताह बाद — जो डॉ. सुभाष मुखोपाध्याय (Dr Subhash Mukhopadhyay) के काम का नतीजा था। उनके जीवनकाल में उनकी इस उपलब्धि को विवादित माना गया और खारिज कर दिया गया था, और सालों बाद ही इसे मान्यता मिली। भारत का अगला व्यापक रूप से प्रलेखित (documented) IVF जन्म, हर्षा चावड़ा (Harsha Chawda), 1986 में मुंबई में डॉ. इंदिरा हिंदुजा (Dr Indira Hinduja) के काम के ज़रिए हुआ।
इससे भारत के पास 1978 से लेकर अब तक IVF से जन्मे लोगों का एक पूरा रिकॉर्ड मौजूद है — यह एक ऐसी पीढ़ी है जो अब पूरी तरह से वयस्क हो चुकी है, और कई मामलों में वे खुद माता-पिता बन चुके हैं। 1978 के दौर में जो भी चिंताएं (anxieties) थीं, उन्हें लगभग पांच दशकों (decades) तक वास्तविक भारतीय जीवन पर परखा जा चुका है।
Assisted Reproductive Technology (Regulation) Act, 2021 के लागू होने के बाद से, भारत में हर IVF क्लीनिक और ART बैंक का 'National ART and Surrogacy Registry' में पंजीकृत (registered) होना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन इस बात की पुष्टि करता है कि क्लीनिक कानूनी रूप से अधिकृत (authorised) है और तय मानकों के अनुसार इसका निरीक्षण (inspection) किया गया है — यह एक बुनियादी जाँच (basic check) है जो हर मरीज़ को इलाज शुरू करने से पहले करनी चाहिए, हालांकि यह अपने आप में सफलता दर (outcomes) का पैमाना नहीं है। आप हमारा रजिस्ट्रेशन वेरीफाई कर सकते हैं; किसी भी क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन कैसे वेरीफाई करें, यह ART Level-2 रजिस्टर्ड क्लीनिक क्या है और इसे कैसे वेरीफाई करें में समझाया गया है।
वास्तविक जोखिमों को कम करने के लिए एक क्लीनिक असल में क्या कर सकता है
जोखिमों की सूची (risk list) में दी गई हर चीज़ निश्चित नहीं है। कुछ चीज़ों को नियंत्रित किया जा सकता है, और इसके बारे में आपको अपने क्लीनिक से सीधे तौर पर पूछना चाहिए:
जहाँ क्लीनिकल रूप से उचित हो, वहाँ एक सिंगल एम्ब्रियो (single embryo) ट्रांसफर करें। IVF में सुरक्षा के लिहाज़ से यह सबसे सीधा फैसला है, क्योंकि यह जुड़वां (twin) प्रेगनेंसी की संभावना को बहुत कम कर देता है — जो समय से पहले जन्म (preterm birth) और कम जन्म वज़न का मुख्य कारण है। (यह जुड़वां प्रेगनेंसी को पूरी तरह से ख़त्म नहीं करता: एक सिंगल एम्ब्रियो अभी भी दो में बंट सकता है।) एक क्लीनिक जो अपनी प्रेगनेंसी रेट (pregnancy rate) को बढ़ाने के लिए हर बार नियमित रूप से दो या तीन एम्ब्रियो वापस गर्भाशय में डालता है, वह अपने आँकड़ों के लिए नवजात शिशु के जोखिम के साथ समझौता (trade) कर रहा है।
जहाँ ज़रूरत हो, वहीं ICSI का उपयोग करें। गंभीर मेल-फैक्टर इनफर्टिलिटी, पिछले IVF साइकिल में फर्टिलाइज़ेशन के फेल होने, सर्जरी के ज़रिए निकाले गए स्पर्म (surgically retrieved sperm), फ्रोज़न अंडों (frozen oocytes) और कुछ जेनेटिक टेस्टिंग के लिए ICSI बिल्कुल उचित है। बिना किसी खास ज़रूरत के नियमित रूप से इसका उपयोग करने से लाइव बर्थ रेट (live birth rates) में कोई सुधार नहीं देखा गया है — और चूंकि रिसर्च लिटरेचर में पाए गए कुछ छोटे जोखिम के संकेत विशेष रूप से ICSI से जुड़े हैं, इसलिए यह डिफ़ॉल्ट रूप से इस्तेमाल होने वाली तकनीक के बजाय एक क्लीनिकल फैसला होना चाहिए। पढ़ें ICSI vs IVF — ICSI की ज़रूरत कब होती है।
OHSS का इलाज करने के बजाय, उसे रोकें। ओवेरियन हाइपरस्टिमुलेशन सिंड्रोम (OHSS) माँ के लिए सबसे मुख्य शॉर्ट-टर्म जोखिम है। एंटागोनिस्ट प्रोटोकॉल (Antagonist protocols), AMH और एंट्रल फॉलिकल काउंट (antral follicle count) के आधार पर डोज़ तय करना, एगोनिस्ट ट्रिगर्स (agonist triggers), और जहाँ ज़रूरत हो वहां 'फ्रीज़-ऑल (freeze-all)' साइकिल का इस्तेमाल करना — यह सब मिलकर इस जोखिम को कम करते हैं।
जानें कि आपके एम्ब्रियो (embryos) को कौन संभाल रहा है। एम्ब्रियो कल्चर पूरी तरह से इनक्यूबेटर, हवा की गुणवत्ता (air quality) और कल्चर डिश पर नज़र रखने वाले एम्ब्रियोलॉजिस्ट (embryologist) पर निर्भर करता है। हमारी लैब चंद्रपुर (Chandrapur) में है और इसका नेतृत्व आयुष अग्रवाल, Ph.D. करते हैं — आप कहीं भी इलाज कराएं, यह जानने के लिए कि आपको क्या सवाल पूछने चाहिए, पढ़ें क्यों एक ऑन-साइट लैब का होना मायने रखता है।
प्रेगनेंसी को प्रेगनेंसी की तरह ही लें। एक IVF प्रेगनेंसी को भी किसी भी अन्य प्रेगनेंसी की तरह ही एंटेनैटल केयर (antenatal care) की ज़रूरत होती है। इसके अलावा, उन विशिष्ट जोखिमों पर ध्यान देने की ज़रूरत होती है जो कपल में पहले से मौजूद हैं — जैसे उम्र, हाई ब्लड प्रेशर (hypertension), डायबिटीज़ (diabetes), या पहले हुआ मिसकैरेज (previous loss)।
कोई भी फैसला लेने से पहले हमसे बात करें
अगर आप पहली बार IVF के बारे में सोच रहे हैं, या आपको बताया गया है कि "test tube baby" के साथ कुछ ऐसे जोखिम जुड़े हैं जो आपको किसी ने ठीक से समझाए नहीं हैं, तो अपनी रिपोर्ट्स लेकर आएं और हमसे पूछें। डॉ. श्वेता अग्रवाल (Dr. Shweta Agarwal) केवल जोखिमों की कोई आम सूची नहीं बताएंगी, बल्कि आपकी विशिष्ट क्लीनिकल स्थिति को देखकर आपको ईमानदारी से बताएंगी कि क्या IVF आपके लिए सही कदम है, और यह आपके लिए क्या बदलेगा और क्या नहीं बदलेगा।
हमें +91 80056 85160 पर कॉल या WhatsApp करें, या हमारे चंद्रपुर (Chandrapur) क्लीनिक में मुफ़्त दूसरी राय (free second opinion) बुक करें। हमारे पास चंद्रपुर, गढ़चिरौली (Gadchiroli), बल्लारपुर (Ballarpur), वरोरा (Warora), यवतमाल (Yavatmal) और उत्तरी तेलंगाना (Telangana) से कपल्स इलाज के लिए आते हैं — अगर आप शहर के बाहर से आ रहे हैं, तो चंद्रपुर में IVF: एक लॉजिस्टिक्स गाइड देखें।
स्रोत (Sources)
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- Practice Committee of the ASRM. Fertility drugs and cancer: a guideline (2024). https://www.asrm.org/practice-guidance/practice-committee-documents/fertility-drugs-and-cancer-a-guideline-2024/
- Walker A, Vajdic C, et al. Cancer incidence after medically assisted reproduction. JAMA Network Open, 2026. https://jamanetwork.com/journals/jamanetworkopen/fullarticle/2846151
- NHS. IVF — risks. https://www.nhs.uk/conditions/ivf/
- The Nobel Prize in Physiology or Medicine 2010 (Robert G. Edwards). https://www.nobelprize.org/prizes/medicine/2010/popular-information/
- The Assisted Reproductive Technology (Regulation) Act, 2021, India Code. https://www.indiacode.nic.in/handle/123456789/17031